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जिले में पहली बार सक्रिय केस चार हजार पार, 4 की मौत

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ग्रेटर नोएडा। जिले में कोरोना का संकट लगातार गहराता जा रहा है। सक्रिय मरीजों की संख्या पहली बार चार हजार पार (4009) पहुंच गई है। बीते 24 घंटे में जहां 536 नए मरीज मिले वहीं चार लोगों की मौत भी हुई। नए मरीजों में 36 स्थिति गंभीर बताई जा रही है, उन्हें अलग-अलग कोविड अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। राहत की बात यह है कि 288 लोगों को स्वस्थ भी घोषित किया गया। बुधवार को 6400 लोगों की कोरोना जांच भी की गई।
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राज्य सरकार की रिपोर्ट में चार लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सुनील दोहरे ने बताया कि चारों संक्रमितों की मौत ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा अस्पताल में हुई है। मृतकों में 68 साल की एक महिला मरीज भी शामिल हैं, उन्हें कोरोना के अलावा दूसरी कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। वहीं अन्य तीन पुरुष कोरोना के साथ ही अन्य गंभीर बीमारियों से भी पीड़ित बताए गए हैं। मृतकों में एक व्यक्ति ग्रेटर नोएडा के गामा-2 व बाकी दो नोएडा के सेक्टर-22 और गिझौड़ के रहने वाले थे। बता दें कि जिले में कोरोना संक्रमण से अब तक 118 लोगों की मौत हुई है। वहीं 28006 लोग महामारी को मात दे चुके हैं।
6435 को लगा टीका
जिले में विभिन्न केंद्रों पर बुधवार को भी कोराना टीकाकरण जारी रहा। सरकारी और निजी अस्पतालों में बनाए गए केंद्रों पर कुल 6435 लोगों ने टीका लगवाया।
ऑक्सीजन की कमी से डॉक्टर के पिता की मौत
ग्रेटर नोएडा। जिले में बुधवार को चार कोरोना मरीजों की मौत की पुष्टि सरकारी रिपोर्ट में की गई है। वहीं चार अन्य लोगों की कोरोना से मौत होने की बात कही जा रही है। सूर्या अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से अस्पताल के ही एक डॉक्टर के पिता की मौत हो गई। सूर्या अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. नीरज का कहना है कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी थी। इस वजह से हम अपने ही अस्पताल के डॉक्टर के पिता की जिंदगी नहीं बचा सके।
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साकीपुर के रहने वाले आशीष शुक्ला की पत्नी ज्योति शर्मा को दो दिन पहले बुखार आया था। बुधवार शाम सांस लेने में परेशानी हुई तो परिजन उन्हें शारदा अस्पताल ले गए। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने मरीज को करीब एक घंटे तक इमरजेंसी के गेट पर भी रोके कर रखा। इससे तबीयत और बिगड़ गई और ज्योति की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल के सुरक्षा गार्ड पर मारपीट का भी आरोप लगाया है। दूसरे मामले में ग्रेटर नोएडा के ही रहने वाले सुनील अहमद को सूर्या अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार रात से ही उनकी तबीयत खराब हो गई थी। ऑक्सीजन की कमी के कारण अस्पताल के डॉक्टरों ने इलाज करने से हाथ खड़े कर दिए।
पिता सुभाष खान ने आरोप लगाया है कि उन्होंने एसडीएम सदर के कार्यालय जाकर ऑक्सीजन के लिए फरियाद की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बल्कि दुत्कार कर भगा दिया गया। ऑक्सीजन न मिलने पर सुनील को सूर्या अस्पताल से निकाल कर जेआर अस्पताल लाया गया। वहां पहुंचते ही उसकी मौत हो गई। इसके अलावा सूर्या अस्पताल में एक डॉक्टर के पिता की भी ऑक्सीजन की कमी के कारण मौत हो गई। चौथी मौत दादरी के रहने वाले एक सफाई कर्मचारी श्रीकांत की हुई। वह आर्यन ग्रुप कंपनी में सफाईकर्मी था और उसे दादरी क्षेत्र के सफाई की जिम्मेदारी मिली थी। परिजन ने कोरोना से मौत की बात कही है। बता दें, कि बुधवार को सरकारी रिपोर्ट में इन चार मरीजों की मौत को शामिल नहीं किया गया है।
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