जीएसटी की टीम ने मंगलवार को सिक्टौर स्थित एक चर्चित रिजॉर्ट में जांच की। पता चला कि फरवरी से फर्म की तरफ से जीएसटी जमा नहीं किया जा रहा था और रिजॉर्ट का रजिस्ट्रेशन निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद भी लगातार शादी व अन्य आयोजनों की बुकिंग की जा रही थी और लेन-देन का हिसाब डायरी में रखा जा रहा था।
मंगलवार दोपहर में शुरू हुई जांच में सामने आया कि रिजॉर्ट की नवंबर महीने में बुकिंग पर्याप्त है और मेहमानों की संख्या और अन्य सुविधाओं के आधार पर बुकिंग का भुगतान तय किया जाता है। ये भुगतान लाखों में था। इसी आधार पर टीम ने सिर्फ एक माह की बुकिंग और इससे आमदनी की गणना की। टीम ने पत्रावलियों के साथ रिजॉर्ट के ऑफिस की डायरी भी कब्जे में ले ली।