सिरसा शहर में रात के समय आसमान में छाया धुआं।
सिरसा। जिले में सोमवार को दिवाली का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। रात को लोगों ने जमकर आतिशबाजी की, जिससे इसके धुएं ने हवा को जहरीला बना दिया। प्रशासन के आदेशानुसार जिले में केवल ग्रीन पटाखों की बिक्री हुई, फिर भी मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 353 तक पहुंच गया, जो सेहत के लिए खतरनाक है। शाम तक एक्यूआई गिरा, लेकिन हवा का स्तर लाल निशान पर बना रहा।
दिवाली के बाद पटाखों के चलाने से हवा में मौजूद महीन धूलकण और जहरीले तत्व सांसों में उतरकर स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि पटाखों के प्रयोग पर नियंत्रण जरूरी है, नहीं तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। दिवाली के अगले ही दिन मंगलवार को सिरसा एक बार फिर घनी धुंध की चादर में लिपटी नजर आई। आसमान में सफेद परत सी छाई हुई है और सांस लेना मुश्किल हो गया है। वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के तमाम प्रयासों के बावजूद जिले की हवा जहरीली हो गई। कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक एक्यूआई 300 से ऊपर पहुंच गया है।
जिले में मंगलवार को सुबह नौ बजे एक्यूआई 296 आंका गया है जो सेहत के लिए हानिकारक है। वहीं, शाम ढलने के साथ ही एक्यूआई में गिरावट के साथ शाम पांच बजे 176 आंका गया है।
सांस रोगियों का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है : नागरिक अस्पताल के छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित कंबोज ने बताया कि एक्यूआई का यह स्तर सांस के मरीजों और आम लोगों के लिए हानिकारक है। जहरीली हवा से छाती के रोगियों का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। उन्होंने सलाह दी कि बाहर निकलते समय मुंह पर मास्क या कपड़ा जरूर लगाएं।