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Noida News: जमकर चले पटाखे, सामान्य से छह गुना खराब जिले की हवा

Thu, 23 Oct 2025 01:16 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
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पटाखों से निकलता धुंआ। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। दो दिन दिवाली के चलते मंगलवार को दूसरे दिन भी लोगों ने जमकर पटाखे छोड़े और आतिशबाजी की। इससे जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) दूसरे दिन भी सामान्य से छह अधिक रहा। मंंगलवार शाम की तुलना में बुधवार को यह करीब 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक बढ़ गया।
मंगलवार को जिले का एक्यूआई 224 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। रातभर पटाखेबाजी के बाद यह 320 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर तक पहुंच गया। यह पिछले साल की तुलना से भी ज्यादा है। पटाखेबाजी के बाद जिले की हवा जहरील हो गई है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक है।
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मंगलवार शाम को जिले का एक्यूआई 224 माइक्रोग्राम दर्ज किया गया, लेकिन रात 12 बजे यह 276 तक पहुंच गया। रातभर पटाखे चलने के बाद इसमें वृद्धि हुई और यह खतरनाक स्थिति में पहुंच गया। बुधवार शाम को जिले का एक्यूआई 320 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। पटाखों के प्रदूषण से पिछली बार की तुलना में यह 26 माइक्रोग्राम ज्यादा है। यह सामान्य से करीब छह गुना ज्यादा है। पिछले साल दिवाली पर जिले का एक्यूआई 294 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया था। परंतु इस बार यह प्रदूषण ने पिछले साल का रिकार्ड तोड़ दिया। पटाखों से जहरीली हुई हवा के कारण लोगों को सांस संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी दमा, सांस के साथ बुजुर्गाें को हुई।
सांस लेने में दिक्कत के साथ आंखों में जलन, गले में खराश, खुश्की व खुजली दिक्कतों का लोगों को सामना करना पड़ा। निजी अस्पतालों व क्लीनिकों की ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या 15 फीसदी तक बढ़ गई। चिकित्सकों ने लोगों को मास्क व चश्मा लगाने सहित अन्य एहतियात बरतने की सलाह दी है।
सिविल अस्पताल के सामान्य रोग चिकित्सक डॉ. सचिन शर्मा ने कहा कि यह प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। इसमें दमा रोगियों के साथ बुजुर्गाें व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। ऐसे में बुजुर्गों को कुछ दिन सुबह व शाम की सैर नहीं करनी चाहिए। बाहर निकलते समय मास्क व चश्मा लगाए। बाहर से आने के बाद हाथ मुंह व आंखें अच्छे से धोएं। खुजली, गले में खराश, आंखों में जलन व सांस संबंधित दिक्कत होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।
एक्यूआई का मानक
एक्यूआई 50 तक सामान्य माना जाता है। इसके बाद 50 से 100 मध्यम, 100 से 150 संवेदनशील समूहों के लिए अस्वास्थ्यकर, 150 से 200 सभी के लिए अस्वास्थ्यकर और 200 से 300 बहुत ही अस्वास्थ्यकर माना गया है। दिवाली से पहले ही जिले का एक्यूआई 140 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर था, जो संदेवनशील और अस्वास्थ्यकर की श्रेणी में आता है।
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दिवाली के दिन फूंकी 70 लाख यूनिट बिजली
दिवाली पर जिलेभर में रोशनी रही। बत्ती गुल नहीं हुई। ऐसे में 70 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई। आमदिनों में बिजली की खपत 53 लाख यूनिट तक रहती है। बिजली निगम से जिले में 425403 लाख उपभोक्ता जुड़े हैं। इनमें डोमेस्टिक 322287, कमर्शियल 55293, इंडस्ट्रीज 8832, ट्यूबवेल 38707 तथा अन्य 1878 कनेक्शन हैं।

पटाखों से निकलता धुंआ। संवाद

पटाखों से निकलता धुंआ। संवाद

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