ऊना। अक्तूबर 2024 में शुरू हुई 2.78 करोड़ रुपये की फायर हाइड्रेंट योजना का करीब 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। मगर 3.25 लाख लीटर क्षमता वाले पानी के टैंक का निर्माण के लिए जमीन नहीं मिल पाई है। इससे योजना अभी तक अधर में लटकी हुई है। योजना के लिए विभाग ने पहले एक जगह जमीन फाइनल की थी, लेकिन वहां भूस्खलन के कारण अब नई जगह तलाश की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार योजना के तहत ऊना शहर के छह किलोमीटर क्षेत्र में पाइप लाइनें बिछाई जा चुकी हैं और फायर हाइड्रेंट मुख्य बाजारों, जीवन मार्केट, खोखा मार्केट और अरविंद मार्केट सहित संकरी गलियों में 60 फायर हाइड्रेंट लगाए गए हैं। इन गलियों में फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के साथ पहुंचना कठिन होने के कारण हाइड्रेंट लगाना अनिवार्य था।
फायर हाइड्रेंट योजना तकनीकी रूप से लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन टैंक निर्माण में विलंब ने योजना को पूरी तरह से प्रभावी होने से रोक रखा है। स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों का कहना है कि शहर में आग लगने की स्थिति में फायर ब्रिगेड के तुरंत पहुंचने की सुविधा अभी नाकाफी है। विभाग द्वारा टैंक निर्माण और योजना के समर्पण में तेजी लानी चाहिए।
योजना का 85 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। टैंक बनाने के लिए जमीन तलाशी जा रही है। अब तक डेढ़ करोड़ रुपये से पंप हाउस, पाइप लाइन बिछाने और फायर हाइड्रेंट लगाने का कार्य पूरा हो चुका है। टैंक का कार्य होते ही योजना जनता को समर्पित कर दी जाएगी।
-अक्षय कुमार, सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग ऊना
शहर में कई जगह बाजार और गलियां बेहद संकरी हैं। गाड़ियां को लेकर मौके पर पहुंचना कठिन होता है। योजना के बनने के बाद 24 घंटे पानी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। ऐसे में फायर हाइड्रेंट की मदद से आग की घटनाओं से निपटने में आसानी रहेगी।
-अशोक राणा, दमकल अधिकारी, ऊना