मीटर रीडिंग कम करने पर उपभोक्ता समेत 3 रीडरों पर केस
नोएडा। विद्युत निगम के महाअभियान में मीटर में गड़बड़ी के कई मामले सामने आए हैं। इनमें छलेरा गांव में एक मीटर की रीडिंग कम करने पर 3 रीडरों समेत उपभोक्ता पर मामला दर्ज कराया गया है। रीडरों पर आरोप है कि साफ्टवेयर के माध्यम से वह मीटर की रीडिंग घटा या बढ़ा सकते हैं। वहीं, इस काम के एवज में उपभोक्ताओं से मोटी रकम वसूलते हैं। इससे हर माह निगम को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
पुलिस ने बताया कि विद्युत निगम के एसडीओ एसएसए काजमी ने आरोप लगाया था कि छलेरा निवासी उपभोक्ता वाई चौहान ने घर में 9 किलोवॉट का कनेक्शन ले रखा है। उन्होंने कुछ कमरों को किराए पर दे रखा है। बताया कि बीती 19 अगस्त को उपभोक्ता के बिजली मीटर की जांच की गई थी। जिसमें 14 हजार से अधिक रीडिंग मिली थी। लेकिन, शिकायत पर 29 अगस्त को दोबारा जांच की गई तो मीटर में करीब तीन हजार रीडिंग ही पाई गई। पड़ताल में पता चला कि मीटर के साथ छेड़छाड़ की गई है। पूछताछ में उपभोक्ता ने बताया कि रीडर राहुल मलिक, सोनू मलिक व राशिद के पास मीटर में गड़बड़ी करने वाला साफ्टवेयर है। इसकी मदद से वह लोग रीडिंग को कम या ज्यादा कर देते हैं। पुलिस ने बताया कि उपभोक्ता द्वारा मीटर में गड़बड़ी कराने और तीनों रीडरों द्वारा गड़बड़ी करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
पहले भी दर्ज होते रहे हैं ऐसे मामले
मीटर में गड़बड़ी करने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस तरह के कई मामले प्रकाश में आ चुके हैं। हालांकि अधिकारियों ने बताया कि एक ही मीटर पर तीन-तीन रीडरों द्वारा साफ्टवेयर से रीडिंग कम और अधिक करने का यह पहला मामला है। एक ही उपभोक्ता से 70 हजार रुपये से अधिक की रकम वसूलकर विभाग को राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया है।
जिले में मीटर रीडिंग लेने वाली कंपनी के ठेकेदार और उसके कुछ अधिकारियों को सख्त हिदायत है कि वह अपने गलत आचरण वाले कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाए। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो कंपनी के खिलाफ शासन को पत्र लिखा जाएगा।
- वीएन सिंह, मुख्य अभियंता