दो बिल्डर व तीन किसानों पर धोखाधड़ी का केस
ग्रेटर नोएडा। शाहबेरी में भविष्य इंडिया के खरीदारों ने बिल्डर और किसान समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि बिल्डर ने किसान के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज दिखाकर अवैध दुकान और अपार्टमेंट बेच डाले। बिसरख पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राधिकरण ने सितंबर, 2018 में इसी अवैध बिल्डिंग का निर्माण तोड़ा था। भविष्य इंडिया बिल्डिंग के खरीदार अमन मस्ताना, रूपेश गोयल, कृपाल सिंह, ज्योति, सुनील कुमार, मोहम्मद इकबाल, मुकेश मंगल, सीमा, राजकुमार शर्मा आदि ने एसएसपी को शिकायत दी थी। उनका आरोप है कि सितंबर, 2017 में बिल्डर के एजेंट ने प्रोजेक्ट दिखाया था। एजेंट ने विभिन्न वेबसाइट पर विज्ञापन दिखाकर प्रोजेक्ट वैध होने का दावा किया था। बिल्डर सुबेंदू दास और संजय जैन ने प्रोजेक्ट पर किसी तरह का विवाद नहीं होने का भरोसा दिया। बताया था कि ग्रेनो प्राधिकरण ने शाहबेरी की जमीन का अधिग्रहण कर लिया है, लेकिन हाईकोर्ट ने अधिग्रहण रद्द कर दिया। हाईकोर्ट का आदेश दिखाया। किसान रजत ने भी जमीन पर किसी तरह का विवाद नहीं होने के दस्तावेज दिखाए। खतौनी समेत अपना निवास प्रमाण पत्र भी दिखाया। बिल्डर ने प्रोजेक्ट का स्वीकृत मानचित्र दिखाया। बिल्डर-बायर्स एग्रीमेंट के तहत दुकान और आवासीय स्टूडियो अपार्टमेंट का आवंटन कर दिया। बिल्डर ने उनके नाम सेल डीड भी कर दी, लेकिन 17 जुलाई, 2018 को शाहबेरी की दो बिल्डिंग गिर गई। उसके बाद 24 अगस्त को प्राधिकरण ने भविष्य इंडिया बिल्डिंग पर नोटिस चस्पा कर अवैध घोषित कर दिया। आरोप है कि उस समय भी बिल्डर ने आश्वासन दिया था कि प्रोजेक्ट कानून के तहत बना है। प्राधिकरण को कुछ गलतफहमी हो गई है, लेकिन वह आश्वासन झूठा निकला। प्राधिकरण ने बिल्डिंग का निर्माण ध्वस्त कर दिया। काफी दिन कोर्ट के चक्कर काटने के बाद खरीदारों ने बिल्डर के खिलाफ शिकायत दी। एसएसपी के आदेश पर मंगलवार को बिसरख कोतवाली पुलिस ने बिल्डर सुबेंदू दास व संजय जैन और जमीन मालिक रजत, प्रवीण व रोशनी देवी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।
सितंबर, 2018 में तोड़ी थी प्राधिकरण ने बिल्डिंग
प्राधिकरण ने शाहबेरी की सभी बिल्डिंग को अवैध घोषित कर दिया था और निर्माण हटाने का आदेश दिया था, लेकिन बिल्डरों ने ऐसा नहीं किया। जिस पर 26 सितंबर, 2018 को प्राधिकरण के दस्ते ने शाहबेरी के खसरा नंबर 54, 55 और 60 पर हो रहे अवैध निर्माण को ध्वस्त किया। इनमें भविष्य इंडिया की बिल्डिंग भी शामिल थी, जो बनकर तैयार हो चुकी थी। यह खसरा नंबर 55 पर बनी थी। यह खसरा रजत कुमार, प्रवीन कुमार, रोशनी देवी व बाबुराम निवासी शाहबेरी के नाम पर है। प्राधिकरण की तरफ से भी इन पर मुकदमा दर्ज है।