कोरोना से जंग के बीच डाक्टरों और नर्सों ने नौकरी छोड़ी तो एफआईआर
नोएडा। कोरोना महामारी के बीच में अस्पतालों से नौकरी छोड़ने वाले चिकित्सकों और नर्सों पर अब प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज होगी। सोमवार को जिले में कोविड नियंत्रण की व्यवस्था देखने पहुुंचे अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य शिक्षा विभाग रजनीश दुबे ने लापरवाही पर भड़कते हुए कड़ी चेतावनी दी। अपर मुख्य सचिव ने सेक्टर 6 स्थित इंदिरा गांधी कला केंद्र में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ कोरोना नियंत्रण की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि महामारी के बीच स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा नौकरी छोड़ना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
समीक्षा के दौरान सामने आया कि शारदा अस्पताल में कोविड-19 के मरीजों का इलाज चल रहा है। वहां से 7 डॉक्टर (एनिस्थिसिया) और 55 नर्स बिना जानकारी दिए नौकरी छोड़कर चले गए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी सुहास एलवाई से कहा कि तीन दिन में विभागीय कार्रवाई कर सभी को वापस बुलाया जाए। यदि कोई वापस नहीं आता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो। कोविड अस्प्तालों में मरीजों के इलाज में लगे स्टाफ को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए जाएं।
संक्रमितों को तलाश करें
दुबे ने अफसरों से कहा कि संभावित मरीजों की तलाश की जाए। उनका नियमों के अनुसार इलाज हो। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतें। निगरानी के काम को गंभीरता से किया जाए, ताकि मरीजों की जानकारी सही से हो सके। मरीज की जानकारी होते ही उसे तुरंत कोविड अस्पताल में भर्ती कराया जाए।
एंबुलेंस की संख्या बढ़ाई जाए
अस्पतालों में मरीजों को पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की भी संख्या बढ़ाई जाए। बायोमेडिकल कचरे से बीमारी फैल सकती है। इसका ध्यान रखा जाए। लापरवाही बरतने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मरीज को जिस तरह का इलाज चाहिए वैसे ही अस्पताल में उसे शिफ्ट किया जाना चाहिए। शिफ्ट करते समय एंबुलेंस में आक्सीजन तथा अंटेंडेंट की व्यवस्था होनी चाहिए।
अलग कंट्रोल रूम बनाया जाए
उन्होंने कहा कि अलग कंट्रोल रूम बनाया जाएगा ताकि किस मरीज को कैसा इलाज चाहिए यह अच्छी तरह तय हो सके। इससे मृत्यु दर कम होने में मदद मिल सकेगी। उन्होंने जागरूकता कार्यक्रम चलाने पर भी जोर दिया।
कोरोना योद्धाओं की काउंसलिंग जरूरी
दुबे ने कहा कि इलाज में जो पैरा मेडिकल स्टाफ तथा डाक्टर जुटे हैं वे सच्चे कोरोना योद्धा हैं। इनका मनोबल बढ़ाने के लिए काउंसलिंग की जानी चाहिए। बैठक में सीईओ ग्रेनो व कोविड-19 नोडल अधिकारी नरेंद्र भूषण, डीएम सुहास एलवाई, सभी एसडीएम और सीएमओ नेपाल सिंह आदि समेत प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
जिले के अस्पतालों में वेंटिलेटर और आईसीयू बेड बढ़ाए जाएंगे
अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग रजनीश दुबे ने कहा कि चाइल्ड पीजीआई में कोरोना के सभी तरह के मरीजों का इलाज शुरू किया जाए। जिसमें अभी 150 बेड हैं उनको बढ़ाकर 250 किया जाए। निजी अस्पतालों में किसी तरह की शिकायत मरीज करें तो उनको गंभीरता से लेकर कड़ी कार्रवाई की जाए। शारदा अस्पताल के ज्वाइंट रजिस्ट्रार अजीत सिंह ने बताया कि कोविड-19 के संक्रमित मरीजों का इलाज के लिए बेड बढ़ाने की बात कही गई थी। अस्पताल में 20 बेड आईसीयू और 20 बेड वेंटीलेंटर के बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। जबकि 10 वेंटिलेटर सरकार की ओर से दिए जाएंगे। शारदा अस्पताल में 400 से बढ़कर 650 से अधिक बेड हो जाएंगे। इनमें 60 से अधिक वेंटिलेटर और आईसीयू के हो जाएंगे। अन्य अस्पतालों में भी वेंटिलेटर और आईसीयू की संख्या बढ़ाई जाएगी। जिले में कोविड-19 के इलाज में निजी अस्पताल मरीजों को आर्थिक रूप से परेशान न करें। इसके लिए सरकार की ओर से फार्मूला तैयार किया जा रहा है।