मामले में अग्निशमन मुख्यालय में तैनात डीआईजी की जांच समिति ने छानबीन की तो सुपरटेक ट्विन टावर को एनओसी देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों को चिह्नित कर लिया गया। कोतवाली फेज टू में गौतमबुद्ध नगर के तत्कालीन मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजपाल त्यागी, आईएस सोनी व महावीर सिंह पर मुकदमा दर्ज किया गया। इन पर आरोप है कि अग्निशमन विभाग की तरफ से एनओसी देने के दौरान अनियमितता बरती गई है। तीनों नामजद मुख्य अग्निशमन अधिकारी अब सेवानिवृत्त हैं।
दो साल तक की हो सकती है सजा
सुपरटेक के ट्विन टावर को अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र देने के मामले में तत्कालीन तीनों मुख्य अग्निशमन अधिकारी के खिलाफ आईपीसी की धारा 217 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। आईपीसी की धारा 217 के तहत ऐसे लोक सेवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाती है जिन्होंने पद पर रहते हुए अनियमितता या लापरवाही बरती हो। दोषी पाए जाने पर ऐसे लोक सेवक को दो वर्ष की सजा या जुर्माना जुर्माना हो सकता है।