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Noida News: सेक्टर-70 में घर ढूंढना होगा आसान, आरडब्ल्यूए ने की ब्लॉकवार नंबरिंग

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सेक्टर 70 में लगाए क्रमिक प्लॉट नंबर के पोस्टर
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फोटो
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- पांच फीसदी आबादी वाले सेक्टरों में पते की समस्या दूर करने की पहल, प्लॉट नंबर के साथ लगाए सूचना बोर्ड
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर के पांच फीसदी आबादी वाले नए सेक्टरों में घरों तक पहुंचने के लिए सही पता ढूंढना लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। इस समस्या को दूर करने के लिए सेक्टर-70 की आरडब्ल्यूए ने पहल की है। आरडब्ल्यूए ने अपने स्तर पर पूरे सेक्टर में ब्लॉकवार प्लॉट नंबरिंग की व्यवस्था की है। इसमें पुराने गांव के प्लॉट नंबर के साथ नया क्रमिक नंबर भी जोड़ा गया है। इससे रिश्तेदारों, डिलीवरी ब्वाय और डाककर्मियों को घर ढूंढने में आसानी होगी।
सेक्टर-70 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष जंटर सिंह ने बताया कि प्राधिकरण ने सेक्टर तो विकसित कर दिया, लेकिन पुराने सेक्टरों की तरह ब्लॉकवार नंबरिंग नहीं की। यहां प्लॉटों की पहचान पुराने गांवों के नंबरों के आधार पर होती है। ये नंबर क्रम में नहीं हैं। ऐसे में एक ही सेक्टर में आसपास के प्लॉटों के नंबर अलग-अलग गेट के पास मिलते हैं। पहली बार आने वाले लोगों को संबंधित घर तक पहुंचने के लिए पूरे सेक्टर के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
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इस समस्या को देखते हुए आरडब्ल्यूए की टीम ने अपने फंड से खर्च कर पूरे सेक्टर को ब्लॉकवार व्यवस्थित किया। अब पुराने गांव के प्लॉट नंबर के साथ क्रमिक नंबर भी दिया गया है, जिससे घरों की पहचान करना आसान होगा।

जगह-जगह लगाए गए सूचना पोस्टर :
नई व्यवस्था को लोगों तक पहुंचाने के लिए सेक्टर में जगह-जगह पोस्टर लगाए गए हैं। इन पर प्लॉटों की संख्या और पहचान संबंधी जानकारी दी गई है। इससे बाहर से आने वाले मेहमानों, डिलीवरी ब्वाय और डाककर्मियों को सही घर तक पहुंचने में मदद मिलेगी। आरडब्ल्यूए का मानना है कि इससे समय की बचत होगी और लोगों को अनावश्यक रूप से सेक्टर में भटकना नहीं पड़ेगा।
गांवों के नंबर से होती है मकानों की पहचान :
शहर के पांच फीसदी आबादी वाले कई सेक्टरों में आज भी मकानों की पहचान पुराने गांवों के नाम और प्लॉट नंबरों से होती है। इनमें सेक्टर-112, 116, 117, 141, 143, 144, 145 और 151 शामिल हैं। सेक्टर-117 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष कोसिंदर यादव के मुताबिक, सेक्टर का पता होने के बावजूद संबंधित मकान तक पहुंचने में लोगों को परेशानी होती है।
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दूसरे सेक्टरों में भी लागू हो सकती है व्यवस्था :
सेक्टर-70 की आरडब्ल्यूए की यह पहल दूसरे सेक्टरों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है। ब्लॉकवार नंबरिंग, दिशा बताने वाले बोर्ड और स्पष्ट पहचान चिह्न लगाने से घर ढूंढना आसान होगा। इससे स्थानीय निवासियों के साथ बाहर से आने वाले लोगों को भी राहत मिल सकती है।
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