शहर के एक बुजुर्ग से साइबर अपराधियों ने 1.25 लाख रुपये ठग लिए। ये रुपये फोन में एक एप डाउनलोड कराकर ठगे गए। पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत की है।
वसुंधरा पुरम लहरा रोड निवासी 65 वर्षीय अवनीश भारद्वाज सरकारी ठेकेदार रहे हैं। अब वह रिटायर्ड हैं। उनके बेटे आशीष शहर के एक स्कूल में शिक्षक हैं। घटना 31 अक्तूबर दिन शनिवार की है। अवनीश भारद्वाज के सीने में तेज दर्द उठा, पसीना आने लगा और घबराहट होने लगी। वह घर पर अकेले थे और उनके बेटे स्कूल गए थे। ऐसे में उन्होंने अलीगढ़ के चिकित्सक का नंबर तलाशने के लिए गूगल वॉयस ऑप्शन का प्रयोग किया। आईएलबीएस, दिल्ली में प्रैक्टिस कर चुके चिकित्सक का अलीगढ़ के रामघाट रोड पर क्लीनिक है।
डॉक्टर का नाम बोलकर जो नंबर सबसे पहले आया, उस पर उन्होंने कॉल मिला दी। सामने वाले व्यक्ति ने खुद को क्लीनिक से ही बताया और बोला कि अब मोबाइल एप के जरिये भी नंबर लगाया जा सकता है। शातिर ने बुजुर्ग को झांसे में लेकर मोबाइल में एक एप डाउनलोड करा लिया और बोला कि 10 रुपये का टोकन कटवाना होगा। इसके बाद फीस क्लीनिक पर आकर जमा हो जाएगी।
उन्होंने टोकन कटवाने का प्रयास किया, लेकिन नहीं कटा। थोड़ी देर बाद एक के बाद एक रुपये कटने के मेसेज आए। सीने में दर्द की जानकारी पर जब आशीष घर पहुंचे तो उन्हें इस फ्राॅड की जानकारी हुई। उनके सिकंदराराऊ स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा व एसबीआई बैंक के खाते से कई बार में 1.25 लाख रुपये निकल गए। आशीष ने बताया कि टोल फ्री नंबर पर ऑनलाइन साइबर सेल में शिकायत दर्ज करा दी है। साइबर सेल प्रभारी आशीष कुमार का कहना है कि शिकायत दर्ज कर ली गई है। ट्रांजेक्शन को रुकवाने का प्रयास किया जा रहा है।