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Noida News: गर्मी बढ़ते ही सर्विस सेक्टर की रफ्तार तेज, एसी-कूलर की रिपेयरिंग की मांग बढ़ी

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फोटो (कल भेजी गई थी)
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-नए उपकरणों के अलावा पुराने की सर्विस-रिपेयरिंग भी खूब डिमांड
-जिले में तेजी से बढ़ रहा रिपेयरिंग व सर्विस सेक्टर


माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही शहर में सर्विस और रिपेयरिंग से जुड़े कारोबार में तेजी बनी हुई है। घरों से लेकर कारों तक एसी, कूलर, पंखे और फ्रिज की सर्विसिंग-रिपेयरिंग की मांग में तेज उछाल आया है। इसके साथ ही पीने के पानी की खपत बढ़ने से टैंकर और वाटर सप्लाई सेवाओं की मांग भी बढ़ी है।



जिला उद्योग केंद्र से मिले आकड़ों के अनुसार, जिले में इस समय करीब 80,000 से ज्यादा पंजीकृत सर्विस व रिपेयरिंग इकाइयां सक्रिय हैं। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन, प्लंबिंग, इलेक्ट्रिकल और पानी सप्लाई से जुड़ी सेवाएं शामिल हैं। गर्मी के मौसम में इनका कारोबार सामान्य दिनों की तुलना में 30 से 50 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। सेक्टर-5 स्थित हरौला बाजार के व्यापारी नरेश कुच्छल ने बताया कि इन दिनों एसी और कूलर मैकेनिकों के पास सबसे ज्यादा काम पहुंच रहा है। सेक्टर 27 की इंदिरा मार्केट व्यापारी सुजीत कुमार ने बताया कि सामान्य तौर पर एक स्प्लिट या विंडो एसी की सर्विसिंग का खर्च 500 से 800 रुपये तक आता है, जबकि गैस रिफिल कराने पर 2,000 से 3,500 रुपये तक खर्च करना पड़ता है। यदि कोई पार्ट खराब हो जाए तो खर्च 5,000 रुपये या उससे अधिक भी पहुंच सकता है। कूलर की सर्विसिंग 200 से 500 रुपये और पंखे की मरम्मत 150 से 300 रुपये में हो रही है।
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एजेंसी के बजाय बाजारों में लोकल सर्विस पड़ती है सस्ती : एजेंसी (अधिकृत सर्विस सेंटर) और लोकल सर्विस दुकानों के बीच कीमत का अंतर लोगों को सबसे ज्यादा आकर्षित करता है। अधिकृत एजेंसी से एसी सर्विस कराने पर जहां 1,200 से 2,000 रुपये तक खर्च आता है, वहीं लोकल मैकेनिक वही काम 500 से 800 रुपये में कर देते हैं। हालांकि सेक्टर 110 निवासी मुकुंद मिश्रा ने कहा कि एजेंसी ज्यादा भरोसेमंद होती है, लेकिन आमतौर पर लोग पैसे बचाने के चक्कर में बाहर से अपने उपकरणों की सर्विस कराते हैं ।
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लोगों को मिला रोजगार : सरकारी आकड़ों के अनुसार इन 50 हजार पंजीकृत उद्यम के जरिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष माध्यम से करीब 78 हजार लोग सर्विस व रिपेयरिंग सेक्टर से जुड़कर रोजगार पा रहे हैं। वहीं इनसे करीब 20,78,119 रुपये का निवेश भी हुआ है।
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