जिला उपभोक्ता आयोग
होम लोन विवाद में पुनर्विचार याचिका खारिज
-उपभोक्ता आयोग ने कहा-अपील या पुनरीक्षण का रास्ता अपनाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। होम लोन विवाद से जुड़े मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने 13 मई 2025 के अपने आदेश के पुनर्विचार की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। याचिकाकर्ता सुधीर कुमार ने आरोप लगाया था कि प्रतिवादी पिरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड की ओर से एक मार्च 2024 को दाखिल जवाब उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया। उनका आरोप था कि जवाब के साथ लगाया गया खाते का स्टैंटमेंट कथित तौर पर फर्जी और कूट रचित है। याचिकाकर्ता के अनुसार 21.68 लाख रुपये का ऋण एक फरवरी 2021 को स्वीकृत और वितरित होना दिखाया गया है। उन्होंने दावा किया कि उनका वास्तविक होम 38 लाख रुपये के लिए स्वीकृत किया गया था। उन्होंने प्री-क्लोजर लेटर का भी हवाला दिया।
याचिकाकर्ता ने 26 सितंबर 2023 के कब्जा नोटिस और 21 जनवरी 2020 के कथित डिमांड नोटिस में अलग-अलग खाता संख्या होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि डिमांड नोटिस की उन्हें विधिवत सेवा नहीं की गई। आयोग ने कहा कि पुनर्विचार तभी किया जा सकता है, जब रिकॉर्ड के सामने स्पष्ट त्रुटि हो। याचिकाकर्ता की आपत्तियां मूल आदेश के गुण-दोष और साक्ष्यों के पुनर्मूल्यांकन से संबंधित हैं। ऐसे मुद्दे पुनर्विचार में नहीं, बल्कि अपील या पुनरीक्षण में उठाए जा सकते हैं।