-शिकायतकर्ता का आरोप, लापरवाही के कारण बेटी का समय पर सही इलाज नहीं हो सका
माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा। दादरी स्थित पाथलाइफ डायग्नोस्टिक प्राइवेट लिमिटेड की जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए सोहन पाल शर्मा ने जिलाधिकारी से शिकायत की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि लापरवाही के कारण उनकी बेटी का समय पर सही इलाज नहीं हो सका, इससे उसकी हालत गंभीर हो गई। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ को जांच के निर्देश दिए हैं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
दादरी निवासी सोहन पाल शर्मा ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनकी बेटी आरवी शर्मा की तबीयत 18 मई को अचानक खराब हो गई थी। डॉक्टर ने उसे लीवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी) कराने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने दादरी स्थित पाथलाइफ डायग्नोस्टिक प्राइवेट लिमिटेड में जांच कराई। उनके अनुसार, लैब की रिपोर्ट में एसजीओटी और एसजीपीटी के स्तर सामान्य बताए गए। हालांकि रिपोर्ट पर संदेह होने पर डॉक्टर ने किसी अन्य लैब से दोबारा जांच कराने की सलाह दी।
इसके बाद 19 मई को दूसरी लैब में जांच कराई गई, जहां एसजीओटी का स्तर करीब 5000 और एसजीपीटी का स्तर 4500 पाया गया। बाद में ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में कराई गई जांच में भी दोनों मानकों में गंभीर गड़बड़ी की पुष्टि हुई। आरोप है कि पहली रिपोर्ट गलत होने के कारण बीमारी की गंभीरता का समय रहते पता नहीं चल सका। इससे बच्ची की हालत लगातार बिगड़ती गई और उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। वहां उसकी स्थिति गंभीर होने पर आईसीयू और वेंटिलेटर सपोर्ट देना पड़ा।
दादरी स्थित एक निजी लैब पर गलत जांच करने के आरोप लगाते हुए एक व्यक्ति ने जिलाधिकारी को शिकायत दी थी। इसके आधार पर कार्रवाई की जा रही है। जल्द पता चल जाएगा कि गलती किसकी है।
-डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी, सीएमओ गौतमबुद्ध नगर
जांच हमारी लैब में निर्धारित मानकों और प्रक्रियाओं के अनुसार की गई थी। जांच रिपोर्ट पूरी तरह सही है। हमारे ऊपर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। फिर भी यदि कोई जांच होती है तो हम उसमें पूरा सहयोग करेंगे और सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएंगे।
-सदीदा, पाथलाइफ डायग्नोस्टिक प्राइवेट लिमिटेड