-रक्षाबंधन को लेकर बाजारों में बढ़ी हलचल, चंदन और रुद्राक्ष वाली राखियां बनीं आकर्षण का केंद्र
नितेश कुमार
ग्रेटर नोएडा। रक्षाबंधन त्योहार नजदीक आने से शहर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। राखी की दुकानों पर बहनों की भीड़ दिखाई दे रही है। इस बार पारंपरिक राखियों के साथ प्राकृतिक सामग्री और धार्मिक थीम वाली राखियों की विशेष मांग है। चंदन, रुद्राक्ष, मोती, कान्हा, त्रिशूल और विभिन्न स्टोन से बनी राखियां लोगों को आकर्षित कर रही हैं। इनमें आकर्षक डिजाइन के साथ स्वदेशी और टिकाऊ सामग्री का उपयोग किया गया है।
ग्रेटर नोएडा के जगतफार्म, रामपुर, तुगलपुर, कासना, सूरजपुर व दादरी के बाजारों में चंदन और प्राकृतिक राखियां सबसे अधिक पसंद की जा रही हैं। चंदन की मनमोहक खुशबू और प्राकृतिक स्वरूप के कारण बहनें इन्हें भाई की कलाई के लिए चुन रही हैं। दुकानदारों के अनुसार, चंदन से बनी राखियां पर्यावरण अनुकूल और त्वचा के लिए भी बेहतर विकल्प हैं। इनकी बिक्री में अच्छी वृद्धि देखने को मिल रही है। बाजार में 10 रुपये से लेकर करीब 500 रुपये तक की राखियां उपलब्ध हैं। राखी विक्रेता राजीव कुमार ने त्योहार नजदीक आने पर ग्राहकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई है।
धार्मिक थीम वाली राखियों की लोकप्रियता
बाजार में धार्मिक आस्था से जुड़े डिजाइन भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। राम मंदिर, कृष्ण, त्रिशूल, ओम, खाटू श्याम और महाकाल की कलाकृतियों वाली राखियां विशेष रूप से पसंद की जा रही हैं। इनमें धार्मिक प्रतीकों और आकर्षक रंगों का इस्तेमाल हुआ है। कान्हा और त्रिशूल डिजाइन वाली राखियां युवा और बच्चों के लिए खास तौर पर पसंद की जा रही हैं।
राखियों की विस्तृत रेंज और खरीदारी
इस बार बाजार में हर वर्ग के ग्राहकों के लिए राखियों की विस्तृत रेंज उपलब्ध है। कम कीमत वाली पारंपरिक राखियों के साथ उत्कृष्ट डिजाइन और प्राकृतिक सामग्री से तैयार राखियां भी ग्राहकों को भा रही हैं। बहनें अपनी पसंद और भाई की व्यक्तित्व शैली के अनुसार राखियां खरीद रही हैं। बाजारों में राखियों के साथ उपहार पैक, मिठाई और अन्य उपहार सामग्री की खरीदारी भी शुरू हो गई है।