गौतमबुद्धनगर जोन नोएडा में राज्य कर विभाग ने बड़े स्तर पर कर चोरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 80 बोगस और अस्तित्वहीन फर्मों का पर्दाफाश किया है। विभाग द्वारा पंजीकृत फर्मों की रेकी और गहन जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि राज्य क्षेत्राधिकार के तहत पंजीकृत 20 फर्में तथा केंद्रीय क्षेत्राधिकार के अंतर्गत पंजीकृत 60 फर्में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संचालित हो रही थीं।
जांच में पाया गया कि इन फर्मों ने कपटपूर्ण तरीके से फर्जी प्रपत्रों के जरिए जीएसटी पंजीकरण हासिल किया था। जिनका मुख्य उद्देश्य कर चोरी करना था। विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन सभी फर्मों का पंजीकरण निरस्त कर दिया है और आगे की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
राज्य कर विभाग के अनुसार इन बोगस फर्मों द्वारा कुल 1027 अन्य फर्मों को लगभग 637 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पास ऑन की गई। इनमें से 455 फर्में उत्तर प्रदेश में पंजीकृत हैं। जबकि 574 फर्में राज्य के बाहर स्थित हैं। यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ पाया गया है, जिससे कर चोरी का बड़ा जाल उजागर हुआ है।
कार्रवाई के दौरान विभाग ने 78.27 करोड़ रुपये की आईटीसी को ब्लॉक कर दिया है। इसके साथ ही संबंधित फर्मों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए अब तक 1788.99 करोड़ रुपये की कर मांग सृजित की गई है। इस प्रक्रिया में अब तक 162.89 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कर मांग भी सृजित की गई है।
शासन की कर चोरी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विभाग लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में बोगस फर्मों के पीछे सक्रिय मास्टरमाइंड की पहचान कर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। सभी मामलों में संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस और कर विभाग की संयुक्त कार्रवाई में अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।