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Noida News: डॉक्टर से 60 लाख की साइबर ठगी के आरोपी को नहीं मिली राहत

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अदालत से
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- डिजिटल अरेस्ट कर ठगे थे रुपये, कोर्ट ने खारिज की जमानत
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय ने साइबर ठगी के एक मामले में आरोपी राजू सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। न्यायालय ने कहा कि मामला अत्यंत गंभीर प्रकृति का है। आरोपी द्वारा सह आरोपियों के साथ मिलकर डिजिटल गिरफ्तारी की झूठी कहानी गढ़कर पीड़िता से करीब 60 लाख रुपये हड़पने का आरोप है।
प्रकरण थाना साइबर क्राइम थाने का है। जिसमें वादी डॉ. पूजा गोयल ने 22 जुलाई 2024 को अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि 13 जुलाई 2024 को उनके पास एक कॉल आया जिसमें खुद को ट्राई डिपार्टमेंट का अधिकारी बताकर डराया गया। कॉल करने वाले ने कहा कि उनके नाम पर अश्लील वीडियो वायरल हुआ है और मनी लांड्रिंग मामले में मुंबई के तिलकनगर थाने में एफआईआर दर्ज है। इस झांसे में आकर पीड़िता ने 15 और 16 जुलाई 2024 को कुल 59 लाख 54 हजार रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए।
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जांच में सामने आया कि 49 लाख 54 हजार रुपये बजरंग एंटरप्राइजेज (इंडसइंड बैंक अहमदाबाद) के खाते में और 10 लाख रुपये न्यारा एंटरप्राइजेज (आईसीआईसीआई बैंक रायपुर) के खाते में भेजे गए थे। आरोपी राजू सिंह को 20 जून 2025 को बी-वारंट के जरिए चेरेपल्ली सेंट्रल जेल तेलंगाना से बुलाया गया था और तब से वह जिला कारागार में बंद है। आरोपी के अधिवक्ता ने दलील दी कि उसके बैंक खाते में कोई धनराशि नहीं आई है और सह आरोपी शिवचरण को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। वहीं न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि अपराध की प्रकृति गंभीर है। आरोपी की संलिप्तता प्रथम दृष्टया सामने आई है। सह आरोपी आकाश कुमार जैन की जमानत याचिका पहले ही इसी न्यायालय ने खारिज की थी। इन परिस्थितियों को देखते हुए न्यायालय ने राजू सिंह की पहली जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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