माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) द्वारा एक नाबालिग को 16 वर्ष से कम आयु का किशोर घोषित किए जाने के आदेश को चुनौती देने वाली अपील को चिल्ड्रन्स कोर्ट/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि जेजेबी के आदेश में कोई कानूनी या तथ्यात्मक त्रुटि नहीं है।
मामला थाना जेवर क्षेत्र के तहत दर्ज केस से जुड़ा है। अपीलकर्ता ने जेजेबी के 16 अप्रैल 2026 के आदेश को चुनौती दी थी। जिसमें आरोपी को नाबालिग घोषित किया गया था। अपील में कहा गया था कि गवाह के अनुसार दस्तावेजों में किशोर की जन्मतिथि 6 मार्च 2011 दर्ज है। जबकि स्कूल के हेड क्लर्क ने गवाही में जन्मतिथि 15 सितंबर 2011 बताई थी। दस्तेवेजों में विरोधाभास होने के चलते अपीलकर्ता ने 10 जून 2025 को हुई ऑसिफिकेशन जांच को आधार बनाने की मांग की थी। हालांकि कोर्ट ने अपीलीय न्यायालय के पूर्व आदेश दिनांक 18 नवंबर 2025 का उल्लेख करते हुए बताया कि उसमें स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि पहले उस स्कूल के रिकॉर्ड को प्राथमिकता दी जाए। इसी आधार पर जेजेबी ने पाया कि स्कूल में अभिभावकों ने स्वयं प्रवेश फॉर्म भरा था। इस कारण कोर्ट ने अपील खारिज करते हुए फाइल जेजेबी को वापस भेज दी।