एफसीआई के इंजीनियर व परिचित को अगवा कर मांगी फिरौती
- पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर दोनों को दौसा से मुक्त कराया
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-73 स्थित आसरा एंक्लेव निवासी भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के निलंबित जेई सुमित कुमार सिंह व उनके परिचित हर्ष को अगवा कर लिया गया। राजस्थान के दौसा निवासी संजीव कुमार और जयपुर के सरजोरी निवासी अशोक कुमार ने आठ जून को अगवा कर परिजनों से फिरौती मांगी। निलंबित जेई की पत्नी ने सेक्टर-113 थाना पुलिस से मामले की शिकायत की। पुलिस की तीन टीमों ने मामले में तेजी से कार्रवाई कर राजस्थान के दौसा जिले के जंगल में दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अपहृत जेई सुमित व हर्ष को मुक्त करा लिया। मौके से वेन्यू कार भी बरामद हुई है। जिसमें दोनों को अगवा किया गया था।
पुलिस को दी शिकायत में जेई की पत्नी ने कहा है कि सुमित वर्ष 2017 में एफसीआई में जेई के पद पर भर्ती हुए थे। उनकी नियुक्ति बद्दी हिमाचल प्रदेश में थी। विभागीय कार्रवाई में उन्हें निलंबित कर दिया गया। वर्ष 2020 से दंपती सेक्टर-73 के आसरा एंक्लेव स्थित हरि निवास में रहने लगे। यहां सुमित की मुलाकात हर्ष उर्फ बलराम गुर्जर निवासी जयपुर से हुई। हर्ष ने दोस्त संजीव से सुमित की मुलाकात कराई।
इस दौरान सुमित ने खुद को प्रतियोगी परीक्षा का पेपर सॉल्वर के रूप में अपना परिचय दिया। पेपर सॉल्व कर नौकरी लगवाने के नाम सुमित ने संजीव से करीब 50 लाख रुपये ठग लिए और कोई भी पेपर सॉल्व नहीं किया। पैसे वापस करने से सुमित इनकार कर रहा था। इस वजह से नाराज संजीव और हर्ष ने जेई सुमित को अपनी वेन्यू कार से अपहरण कर लिया। इसके बाद दोनों आरोपियों ने जेई सुमित को जान से मारने की धमकी देकर उसकी पत्नी व रिश्तेदारों से 5.60 लाख रुपये की मांग की। पत्नी ने अपने कुछ जूलरी गिरवी रख कर व बेच कर पति के यूपीआई नंबर पर भेज दिया।
सुमित ने 60 हजार रुपये आरोपियाें के खाते में ट्रांसफर कर दिए, लेकिन 5 लाख रुपये तकनीकी कारणों से ट्रांसफर नहीं हो सका। इधर जाल बिछाकर बैठी पुलिस ने सर्विलांस की मदद से रविवार शाम को राजस्थान के दौसा शहर से आरोपी संजीव व उसके सहयोगी अशोक को गिरफ्तार कर जेई सुमित और हर्ष को घायल अवस्था में मुक्त करा लिया। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
लगातार बदल रहे थे लोकेशन :
डीसीपी हरीश चंदर ने बताया कि पुलिस की टीम लगातार आरोपियों के लोकेशन को सर्विलांस के माध्यम से ट्रेस कर रहे थे। वहीं, आरोपी लगातार अपना लोकेशन बदल रहे थे। पुलिस व सर्विलांस टीम की लगातार सक्रियता के कारण दोनों आरोपियों को राजस्थान के दौसा शहर के एक जंगल क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।