नोएडा(संवाद)। आज शहर भर में महिलाओं ने अपने बेटों की दीर्घायु और सफलता के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखा। इस दौरान बदलते समय में सोच और परंपराओं का स्वरूप भी बदलते हुए दिखा।
ऐसी मान्यता है कि अहोई अष्टमी का व्रत महिलाएं अपने बेटों के लिए रखती हैं, लेकिन कई महिलाओं ने इस परंपरा में बदलाव करते हुए अपनी बेटी की दीर्घायु और सफलता के लिए व्रत रखा। सेक्टर 137 स्थित अजनारा डेफोडिल सोसायटी निवासी श्वेता खोसला ने अपनी इकलौती बेटी की दीर्घायु की कामना करते हुए व्रत रखा। श्वेता खोसला ने बताया कि वह मूल रूप से पंजाबी हैं और वहां केवल पुत्रों के लिए ही यह व्रत रखा जाता है, लेकिन श्वेता पिछले 23 वर्षों से अपनी इकलौती बेटी वंशिका के लिए यह व्रत रख रही हैं। उन्होंने कहा कि वह अपनी बेटी को ही बेटा मानती हैं और अगले वर्ष उनकी बेटी वंशिका एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर डॉक्टर बनने वाली हैं।