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Noida News: फैशन शो शुरू, दिल्ली-नोेएडा की ज्वेलरी की मांग यूएस और यूरोपीय देशों में ज्यादा

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नॉलेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में ईएफजेएएस-2025 शो लगे गहने और बैग के स्टॉल
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संवाद न्यूज एजेंसी


ग्रेटर नोएडा। नॉलेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में इंडिया फैशन ज्वेलरी एंड एक्सेसरीज (आईएफजेएएस) शो शुक्रवार को शुरू हुआ। पहले दिन आयरन, स्टोन, ब्रास, रेजिन और वुड को रिसाइकल कर बनी ज्वेलरी व जूट, सूती धागे, ऊन और विस्कोस से बने डिजाइनदार थैले व बैग आकर्षण के केंद्र रहे।
नोएडा की कंपनी की डायरेक्टर विनीता जगदीश सिंह और दिल्ली की कंपनी के कर्मचारी आरके कुमार ने बताया कि वे फैशन ज्वेलरी और डिजाइनिंग के थैले और बैग के उत्पादन का काम दूसरी पीढ़ी में संभाल रहे हैं। पहले उनके पिता दिल्ली से काम करते थे। अब वे नोएडा में कंपनी स्थापित कर इस काम को आगे बढ़ा रहे हैं।
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विनीता जगदीश सिंह ने बताया कि उनके अधिकतर उत्पाद आयरन, स्टोन, ब्रास, रेजिन को रिसाइकल कर ही बनाया जाता है। खराब होने वाले उत्पादों को नई डिजाइन दी जाती है। इसके अलावा जूट, काटन के धागे, ऊन और विस्कोस से बनाए गए थैले, महिलाओं के बैग और अन्य कई प्रकार के सजावट के सामानों की भी मांग काफी ज्यादा यूरोपीय और यूएसए में है। ऑस्ट्रेलिया, मलयेशिया और जापान में भी इसकी मांग है। वह करीब 10 से 15 लोगों को रोजगार दे रही हैं।
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नेटलेस, ईयररिंग और विस्कोस के थैले विदेशियों को भा रहे


विनीता और आरके ने बताया कि आयरन, स्टोन, ब्रास, रेजिन और वुड से ईयररिंग, नेटलेस और ब्रेसलेट समेत अन्य ज्वेलरी बनाई जाती है। जूट, सूती धागे, ऊन से बनने वाले थैले या बैग के अलावा सजावटी सामान तैयार होता है। महीने में 10 से 15 हजार पीस नेटलेस और ईयररिंग की सप्लाई हो जाती है। 600 से 700 बैग और एक हजार से 1500 बेल्ट की सप्लाई हर हो जाती है। आरके कुमार ने बताया उनका महीने में करीब 30 हजार पीस नेटलेस और ईयररिंग की सप्लाई होती है।
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