ग्रेनो विस्तार में किसान बना सकेंगे खुद का मॉल, लगा सकेंगे उद्योग
ग्रेटर नोएडा। अब ग्रेटर नोएडा का विस्तार करते हुए फेज दो बसाने की तैयारी है। इसका क्षेत्र मौजूदा ग्रेटर नोएडा से भी बड़ा होगा। इसमें किसानों की जमीन अधिग्रहण से नहीं, बल्कि लैंड पूलिंग से ली जाएगी। आधी जमीन किसानों को विकसित करके लौटा दी जाएगी। किसान उस पर उद्योग लगा सकेंगे, मॉल बना सकेंगे या फिर प्लॉट व फ्लैट बनाकर बेच सकेंगे।
दरअसल, प्राधिकरण ने ग्रेटर नोएडा के मौजूदा क्षेत्र को बढ़ाने का फैसला लिया है। मौजूदा समय में मास्टर प्लान 2021 के हिसाब से शहर बसा है। अब मास्टर प्लान 2041 बनाने की तैयारी है यानी ग्रेटर नोएडा का विस्तार होगा। यह नया शहर हापुड़-पिलखुआ व सिकंद्राबाद की सीमा तक होगा। ग्रेटर नोएडा फेज वन में 154 गांवों की जमीन ली गई है, जबकि फेज दो में 180 गांवों की जमीन ली जाएगी। फेज वन का कुल क्षेत्रफल 21 हजार हेक्टेयर है जबकि फेज दो का क्षेत्र 30 हजार हेक्टेयर में फैला होगा। फेज वन में अधिग्रहण कानून के जरिये किसानों से जमीन ली गई, जिससे काफी विवाद भी पनपे। अब प्राधिकरण ने तय किया है कि किसानों से जमीन लैंड पूलिंग पॉलिसी से ली जाएगी। इसमें प्राधिकरण किसानों को आधी जमीन विकसित करके लौटा देगा। उस जमीन पर किसान अपनी मर्जी से इस्तेमाल कर सकेंगे। वे चाहें तो उस पर उद्योग लगाएं या फिर मॉल बनाएं। प्लॉट या फ्लैट बनाकर भी बेच सकेंगे। हालांकि, इसका नक्शा-डिजाइन ग्रेनो प्राधिकरण से पास कराना होगा। यमुना प्राधिकरण लैंड पूलिंग पॉलिसी को पहले ही लागू कर चुका है।
स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित होगा नया शहर
नए शहर में सामाजिक व आर्थिक तालमेल के साथ विकास करने पर फोकस होगा। प्रदूषण नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस होगा। बिजली, पानी, कम्यूनिकेशन के रीजनल प्लान बनेंगे। फेज दो में सड़क से लेकर रेल नेटवर्क का प्रावधान होगा। सेक्टरों तक सार्वजनिक वाहनों की पहुंच होगी। आबादी के हिसाब से इनके लिए प्लान बनेंगे। मास्टर प्लान में स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल आदि का प्रावधान भी होगा। भूकंप आदि प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए आपदा प्रबंधन पर विशेष जोर होगा। कम आय वर्ग के लिए घरों का इंतजाम किया जाएगा। शहर को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए कैपिटल इनवेस्टमेंट एक्शन प्लान बनेगा। इसे स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित किया जाएगा। सेंट्रलाइज्ड कमांड व कंट्रोल सेंटर बनाए जाएंगे। शहर में सर्विलांस सिस्टम होगा।
नए मास्टर प्लान के लिए आरएफपी निकाला
मास्टर प्लान 2041 तैयार करने के लिए कंसलटेंट एजेंसी की तलाश शुरू हो गई है। अगले माह एजेंसी चुन ली जाएगी। बृहस्पतिवार को प्राधिकरण ने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) निकाल दिया है। 2 नवंबर को प्री-बिड कांफ्रेंस होगी। 18 नवंबर तक आवेदन किए जा सकेंगे और 19 नवंबर को तकनीकी बिड खुलेगी। उसके बाद फाइनेंशियल बिड खुलेगी जिससे किसी एजेंसी का चयन हो जाएगा।
ग्रेटर नोएडा का दूसरा फेज मौजूदा एरिया से बड़ा होगा। किसानों को विकास का हिस्सेदार बनाते हुए इस नए ग्रेटर नोएडा के लिए लैंड पूलिंग से जमीन ली जाएगी। प्राधिकरण शासन की लैंड पूलिंग पॉलिसी को पहले ही स्वीकार कर चुका है। इस स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित किया जाएगा। - नरेंद्र भूषण, सीईओ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण