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हजारों ट्रैक्टरों के साथ किसानों ने 40 किलोमीटर निकाली परेड

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पुन्हाना में परेड दौरान वाहनों का काफिला। - फोटो : Mewat
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पुन्हाना। संयुक्त किसान मोर्चा के आहवान पर मंगलवार को पुन्हाना के हरियाणा-राजस्थान सुनहेड़ा बॉर्डर से किसानों ने मौलाना अरशद मील खेड़ला के नेतृत्व में ट्रैक्टर परेड निकाली। हजारों ट्रैक्टर, निजी वाहनों के साथ करीब 40 किलोमीटर लंबी परेड निकाल कर किसानों ने तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ अपना विरोध जताया। इस मौके पर भारी पुलिस बल का इंतजाम किया गया था। किसानों के इस प्रदर्शन ने करीब एक साल पहले नूंह में एनआरसी के खिलाफ किए गए प्रदर्शन को भी पीछे छोड़ दिया है। पुन्हाना के किसानों को दिल्ली ट्रैक्टर परेड में जाने की अनुमति नहीं दी गई थी, लेकिन प्रशासन ने स्थानीय किसानों को क्षेत्र में ही परेड करने की अनुमति दे दी थी। पुन्हाना के किसानों ने मील खेड़ा के मौलाना अरशद, रमजान चौधरी, रशीद एडवोकेट, मुफ्ती सलीम की अगुवाई में किसान धरना स्थल सुनहेड़ा बॉर्डर से पुन्हाना, पिनगवां, शिकरावा तक ट्रैक्टर परेड़ निकाली जो बाद में शांतिपूर्ण तरीके से वापस सुनहेड़ा बॉर्डर पर पहुंची। ट्रैक्टर परेड में सभी धर्म के लोगों और किसानों ने हिस्सा लिया।
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परेड की अगुवाई कर रहे मौलाना अरशद, रमजान चौधरी और रशीद एडवोकेट ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन हमेशा मेवात के लोगों के साथ भेदभाव और उत्पीडन की भावना से काम करता है। संयुक्त किसान मोर्चा ने दिल्ली में किसान परेड में हिस्सा लेने की इजाजत मांगी थी लेकिन एयरपोर्ट व सुरक्षा का हवाला देकर परमिशन नही दी गई। जिला प्रशासन ने लोकल परेड करने के लिए किसान संगठनों से रूट मांगा तो उन्होंने नूंह और पलवल जिले से जुड़े गांवों का रूट दिया था,इसकी मौखिक परमिशन आईजी रेवाड़ी रेंज ने दी थी। उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक नूंह ने सुबह मेवात किसान कमेटी के मुख्य सदस्यों को बुलाकर दबाव बनाकर ये रूट देने से मना कर दिया और एक मामूली लोकल रोड पर परेड करने की इजाजत दी। सभी किसान नेताओं ने तीनों कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताते हुऐ सरकार से उन्हें तुरंत वापिस लेने की मांग की है।
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