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किसानों ने दरभंगा जा रही एक्सप्रेस ट्रेन को 40 मिनट तक रोका

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दनकौर रेलवे स्टेशन पर रुकी हुई ट्रेन में यात्रियों को केला और पानी देती किसान नेता पूनम पंडित। - फोटो : Grnoida
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दनकौर/बिलासपुर/दादरी। तीनों कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने बृहस्पतिवार को दनकौर रेलवे स्टेशन पर नई दिल्ली से दरभंगा जा रही संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को रोककर विरोध जताया। किसानों ने ट्रेन के चालक व यात्रियों को माला पहनाई, फल खिलाए और कानून के विरोध में समर्थन मांगा।
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इस दौरान करीब 40 मिनट तक ट्रेन स्टेशन परिसर में खड़ी रही। इससे यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। हालांकि, पुलिस व रेलवे अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी खराबी के कारण ट्रेन को दनकौर स्टेशन पर रोका गया था। खराबी को दूर करने के बाद रवाना कर दिया गया।
किसानों की रेल रोकने की चेतावनी को देखते हुए दादरी, दनकौर समेत आसपास के रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक संगठन के किसान सुबह दस बजे से दनकौर रेलवे स्टेशन पहुंचने लगे थे। स्टेशन परिसर के आसपास मौजूद सुरक्षा बलों ने किसानों को बाहर रोक दिया। धीरे-धीरे दोपहर 12 बजे तक सैकड़ों किसान एकत्रित हो गए। यहां एक घंटे तक किसानों ने पंचायत की।
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इसके बाद किसान पुलिस सुरक्षा को तोड़कर स्टेशन पर पहुंच गए। दो बजे नई दिल्ली से दरभंगा जा रही संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को रोककर किसानाें ने विरोध जताया। मौके पर मौजूद डीसीपी राजेश कुमार, एडीसीपी विशाल पांडेय व एसीपी ब्रजनंदन राय ने किसानों से वार्ता कर ट्रेन को दरभंगा के लिए रवाना किया। प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन टिकैत, किसान संयुक्त मोर्चा समेत अन्य संगठनों के किसान शामिल हुए थे।
इस मौके पर किसान संगठन के राष्ट्रीय सचिव लज्जाराम प्रधान, सुनील प्रधान, भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के प्रदेश प्रवक्ता व मंडल अध्यक्ष पवन खटाना, महेंद्र चौरोली, परविंदर अवाना, सुरजन ठाकुर, श्याम सिंह प्रधान, अनित कसाना, संदीप, रविंद्र भगत, प्रकाश फौजी, नरेश शर्मा, शमशाद सैफी, ललित चौहान, पूनम पंडित, बिल्लू, राजे प्रधान, मंसाराम खटाना, महेश भाटी, अजय बैरागी आदि किसान मौजूद रहे।
दादरी सहित चार स्टेशनों पर नहीं पहुंचे किसान
दिल्ली हावड़ा रेल मार्ग पर मारीपत, दादरी, बोड़ाकी और अजायबपुर रेलवे स्टेशनों पर पुलिस अलर्ट पर रही। पुलिस के आला अधिकारी, प्रभारी निरीक्षक, उपनिरीक्षक सहित 115 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। दिनभर रेलवे लाइन व आसपास नजर रखी गई। चारों रेलवे स्टेशनों पर कोई किसान संगठन नहीं पहुंचा।
दिल्ली से अपने घर शादी में शामिल होने जा रहा हूं। किसानों के रेल रोको आंदोलन की जानकारी नहीं थी। रेल का पहला स्टॉपेज कानपुर में था, लेकिन यहां रेल रुकने से परेशानी का सामना करना पड़ा। - सुनील झा, यात्री
किसान आंदोलन के समर्थन में भले ही 4 घंटे रेल रुकी रहे, उन्हें कोई परेशानी नहीं है। दिल्ली से मुजफ्फरपुर बिहार जा रहा हूं। सरकार को किसानों की मांग मान लेनी चाहिए। - राहुल, यात्री

दनकौर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन चालक को माला पहनाते एवं ट्रेन पर बैनर लगाते भारतीय किसान यूनियन अराज?- फोटो : Grnoida

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