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Noida News: किसानों ने धान व चावल के 300 से ज्यादा वाहन लौटाए

Wed, 29 Oct 2025 01:01 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
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कलानौर बॉर्डर पर खड़े धान व चावल से भरे वाहन। भाकियू
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। उत्तर प्रदेश के रास्ते जिला में आ रहे धान व चावल को रोकने के लिए भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी ग्रुप के पदाधिकारियों ने सोमवार रात एक बार फिर कलानौर बॉर्डर पर पहरा दिया। किसानों ने एक ही रात में 300 से अधिक वाहनों को लौटाया। इनमें से कुछ वाहन लौट गए और बड़ी संख्या में सुबह तक बॉर्डर पर खड़े रहे।
भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के निदेशक मंदीप सिंह रोड छप्पर के मुताबिक वह टीम में शामिल किसान विक्की, विक्रांत ससौली, गुरबीर सिंह, राजीव, पम्मी ससौली, संदीप टोपरा समेत अन्य के साथ सोमवार रातभर उत्तर प्रदेश-यमुनानगर की सीमा पर कलानौर बॉर्डर पर तैनात रहे। रातभर वह कलानौर में पुलिस नाके के पास बैठ कर पहरा देते रहे।
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शाम होते ही उत्तर प्रदेश की तरफ से धान व चावल के ट्रकों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। मंदीप सिंह ने बताया कि रातभर में 300 से ज्यादा ट्रक व ट्रैक्टर-ट्रालियों को पकड़ा गया। इस दौरान ज्यादातर ट्रकों के पास धान के बिल मार्केट कमेटी उत्तर प्रदेश के थे। उत्तर प्रदेश में किसानों से धान व्यापारी खरीदते हैं।
जब यूपी में मंडियां नहीं हैं तो वहां की मार्केट कमेटी के बिल कैसे कट रहे हैं। इसका मतलब है कि यूपी में व्यापारी फर्जी बिल काट रहे हैं। जिन ट्रकों में चावल भरा हुआ है उनके बिलों पर प्रतापनगर, छछरौली व व्यासपुर क्षेत्र की राइस मिलों के पते लिखे थे। यदि चावल लेकर आ रहा कोई ट्रक पकड़ा जाए तो चालक बिल दिखा देते हैं। यदि वह पकड़ा नहीं जाता तो राइस मिलर उसे फाड़ कर फेंक देते हैं। फिर दूसरे राज्यों से मंगवाए गए सस्ते चावल को एफसीआई के गोदामों में डिलीवर कर दिया जाता है। उन्होंने 10 दिन पहले भी कलानौर बॉर्डर पर धान व चावल के भरे 150 से अधिक वाहन पकड़े थे।
इस बार कम हुई 20 प्रतिशत पैदावार फिर भी खरीद ज्यादा

यमुनानगर में इस बार धान का कुल रकबा करीब 87 हजार हेक्टेयर था। जिले में मानसून सीजन के दौरान इस बार बहुत ज्यादा बारिश हुई। बारिश की वजह से दाने झड़ गए। जब फसल पक कर तैयार हुई तो पैदावार कम निकली। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. आदित्य डबास के मुताबिक इस बार प्रति एकड़ धान का उत्पादन 20 प्रतिशत तक कम हुआ। इस बार खरीद एजेंसियों ने छह लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्षय रखा था। 20 प्रतिशत उत्पादन कम होने की वजह से खरीद का लक्ष्य कम होने का अनुमान लगाया जा रहा था। फिर भी मंडियों में 6.33 लाख एमटी से ज्यादा धान खरीदा जा चुका है।
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दूसरे राज्यों का धान यमुनानगर की मंडियों में बिना खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के नहीं बिक सकता। अभी तक किसी भी पकड़े गए वाहन पर कार्रवाई नहीं की गई। यह हालात तब हैं जब नाकों पर विभाग के फूड इंस्पेक्टर तैनात हैं। मामले की गहनता से जांच होनी चाहिए। -मंदीप सिंह, निदेशक, भाकियू ।

कलानौर बॉर्डर पर खड़े धान व चावल से भरे वाहन। भाकियू

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