नोएडा। विभिन्न मांगों के समर्थन में धरना दे रहे किसानों ने बृहस्पतिवार को नोएडा-दिल्ली चिल्ला बॉर्डर पर जाम लगा दिया। किसानों को जब सेक्टर-14ए स्थित प्राधिकरण की सीईओ के आवास पर पुलिस ने जाने नहीं दिया तो सैकड़ों किसान मुख्य मार्ग पर बैठ गए। करीब दो घंटे तक किसान यहां बैठे रहे जिससे एक्सप्रेसवे तक करीब पांच किलोमीटर तक यातायात व्यवस्था धराशायी हो गई। इससे दिल्ली-नोएडा आवागमन करने वाले वाहन चालकों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। वहीं, अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसान वापस प्राधिकरण कार्यालय पर जाकर धरने पर बैठ गए।
भारतीय किसान परिषद के तत्वावधान में बृहस्पतिवार को सुबह 107वें दिन किसानों का आंदोलन शुरू हुआ। करीब दो बजे भारी संख्या में किसान सीईओ रितू माहेश्वरी के सरकारी आवास का घेराव करने निकल गए। सेक्टर-6 से पैदल महिला-पुरुष गोलचक्कर होते हुए चिल्ला बॉर्डर पर पहुंचे और दोनों तरफ जाम लगा दिया। करीब 15 मिनट तक जाम लगाने के बाद किसान यू-टर्न लेकर सेक्टर-14ए के गेट पर पहुंच गए। वहां पुलिस ने रोक दिया तो किसान चिल्ला बॉर्डर के पास दिल्ली से नोएडा आने वाले मुख्य मार्ग पर बैठ गए। यहां करीब दो घंटे तक किसानों ने नारेबाजी की और हक लेने की बात कहकर प्राधिकरण की सीईओ के आवास तक जाने की जिद पर अड़े रहे। इसके बाद प्राधिकरण के एसीईओ प्रवीण मिश्र पहुंचे और एडीसीपी रणविजय सिंह के साथ मिलकर किसानों से बात की। एसीईओ के आश्वासन के बाद करीब चार बजे किसान वहां से हट गए, तब जाकर वाहन चालकों को राहत मिली।
सुखबीर खलीफा ने कहा- चलता रहेगा धरना
भारतीय किसान परिषद के अध्यक्ष सुखबीर खलीफा का कहना है कि आंदोलन अभी चलता रहेगा। किसान बात रखने के लिए सीईओ के घर जाना चाहते थे, लेकिन जाने नहीं दिया गया तो मजबूरी में सड़क पर बैठना पड़ा। अभी प्राधिकरण के गेट पर आंदोलन चलता रहेगा। जब तक पूरी मांगें नहीं मानी जाएंगी, किसान प्राधिकरण पर ही रहेंगे।
भारी संख्या में पुलिस बल तैनात
दोपहर दो बजे जैसे ही किसान प्राधिकरण से सेक्टर-14ए की तरफ जाने के लिए निकले तो आगे-आगे एसीपी अंकिता शर्मा, रजनीश वर्मा, श्यामजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिसकर्मी चल रहे थे। डीसीपी राजेश एस गोलचक्कर से पूरे घटनाक्रम की मॉनिटरिंग कर रहे थे। एडीसीपी रणविजय सिंह चिल्ला के पास बैरिकेडिंग से लेकर सुरक्षा को देख रहे थे। इसके बाद डीसीपी सेेंट्रल नोएडा हरीश चंदर, डीसीपी ट्रैफिक गणेश प्रसाद साहा, एडीसीपी ग्रेटर नोएडा विशाल पांडेय, एसीपी अब्दुल कादिर, एसीपी पीपी सिंह समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
पुलिस ने बुलेटिन में नहीं बताई जाम की बात
चिल्ला बॉर्डर पर जाम लगने के बाद नोएडा से दिल्ली जाने वाले लोग महामाया से लेकर चिल्ला तक करीब पांच किलोमीटर तक फंसे रहे। वहीं, दिल्ली से नोएडा आने वाले लोग भी फंस गए। नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने डायवर्जन शुरू कर महामाया की तरफ से दिल्ली जाने वाले वाहनों को डीएनडी व दूसरी तरफ जाने वाले वाहनों को यू टर्न लेकर वापस किया गया। किसान दो बजे सेक्टर-6 से उद्योग मार्ग, गोलचक्कर होते हुए चिल्ला तक पहुंचे थे। इससे उद्योग मार्ग, सेक्टर-15 के आसपास जाम लग गया था, लेकिन यातायात पुलिस ने दोपहर के ट्रैफिक बुलेटिन में इसकी जानकारी नहीं दी।
किसानों ने एंबुलेंस को दिया रास्ता
जब किसान सेक्टर-14ए फ्लाईओवर होते हुए चिल्ला बॉर्डर पर पहुंचे तो बैरिकेड के कारण दोनों तरफ रास्ते बंद हो गए। इस दौरान नोएडा से दिल्ली जाने वाले रास्ते पर एक एंबुलेंस फंस गई। जब किसान नेताओं की नजर पड़ी तो एंबुलेंस को रास्ता दे दिया गया।
घरों में ही रहे अधिकारी व परिजन
सेक्टर-14ए शहर के सबसे पॉश सेक्टरों में शामिल हैं। इसी सेक्टर में प्राधिकरण की सीईओ समेत पुलिस के बड़े अधिकारी रहते हैं। किसानों को प्राधिकरण की सीईओ के आवास का घेराव करना था, लेकिन पुलिस ने गेट के पास ही किसानों को रोक दिया। गेट पर पुलिस अधिकारियों ने वाहन खड़े कर दिए, ताकि किसान उधर नहीं जा सके। करीब दो घंटे तक सेक्टर-14ए में निवासी अधिकारी व परिजन घरों में ही रहे। कुछ अधिकारियों के परिजन पैदल ही बाहर से अंदर जाते हुए दिखाई दिए, लेकिन अंदर से बाहर कोई नहीं निकला।
एक्सप्रेसवे पर भी लगा जाम
नोएडा एक्सप्रेसवे पर भी सुबह सेक्टर-160 के पास जाम लग गया। सेक्टर-160 स्थित झट्टा अंडरपास के पास निर्माण कार्य के कारण ग्रेटर नोएडा से नोएडा आने वाले रास्ते पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने ट्विटर पर अलर्ट जारी कर बताया कि निर्माण कार्य के कारण यातायात धीमी गति से चल रहा है।
चिल्ला बार्डर पर लगा जाम। अमर उजाला