किसानों ने ग्रेनोे प्राधिकरण पर बोला हल्ला, धरना शुरू
- लीजबैक निरस्त करने से हैं नाराज, प्राधिकरण गेट पर पुलिस संग धक्कामुक्की
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। एसआईटी की रिपोर्ट में 237 लीजबैक निरस्त करने से नाराज किसानों ने सोमवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर हल्ला बोला दिया। नाराज किसानों ने प्राधिकरण कार्यालय के अंदर जाने का प्रयास किया। पुलिस के साथ हुई धक्कामुक्की के बाद वह अंदर नहीं जा पाए। उन्होंने प्राधिकरण के गेट पर ही अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। किसानों ने कहा कि जब तक शासन पुन: परीक्षण के लिए लीजबैक की रिपोर्ट को विशेष जांच दल के समक्ष नहीं भेजेगा तब तक धरना जारी रहेगा। हालांकि प्राधिकरण अधिकारियों ने किसानों के बीच पहुंचकर उनकी समस्या सुनी और प्रकरण को शासन को भेजने की बात कही। मगर किसान नहीं माने।
सोमवार को किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता मनवीर भाटी के नेतृत्व में किसान ट्रैक्टर ट्रालियों पर सवार होकर नारेबाजी करते हुए ग्रेनो प्राधिकरण के दफ्तर पर पहुंचे। नारेबाजी करते हुए प्राधिकरण के गेट के अंदर जाने का प्रयास करने लगे। पुलिस और पीएसी ने उनको रोक दिया। पुलिस और किसानों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। जमकर नारेबाजी की गई। किसान गेट पर ही धरने पर बैठ गए। किसान नेता मनवीर भाटी ने कहा कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और एसआईटी ने किसानों की आबादियों को मनमानी करके खारिज किया है। मूल किसान की आबादी को बहाल करने की तहसीलदार और एसडीएम की रिपोर्ट को गलत करार देते हुए किसान परिवारों को बेघर का आरोप लगाया। धरने के दौरान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी अमनदीप डुली किसानों से वार्ता करने पहुंचे। उन्होंने लीज बैक के निरस्त करने के मामले में शासन को रिपोर्ट भेजे का आश्वासन दिया, लेकिन किसान संतुष्ट नहीं हुए। इस मौके पर राजेंद्र प्रधान, सुबेदार रमेश रावल,ओमवीर नेताजी,अजब सिंह प्रधान, सतबीर प्रधान, भगवत सिंह, अरविंद प्रधान, बिजेंद्र, रामी प्रधान भीम सिंह और पवन शर्मा आदि लोगों ने धरने को संबोधित किया। जबकि आंदोलन में सैंकड़ों महिलाएं और पुरुषों के अलावा युवा शामिल रहे।
एसीईओ से मिला किसान सभा का प्रतिनिधि मंडल
ग्रेटर नोएडा (संवाद)। प्रकरण को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा के नेतृत्व में किसानों का प्रतिनिधिमंडल एसीईओ अमनदीप डुली से मिला। किसानों ने 172 किसानों की आबादी के साक्ष्य सौंपे और कहा कि जांच अधिकारियों ने ऑफिस में बैठकर ही रिपोर्ट तैयार कराई है। उन्होंने कहा कि जिन 99 मामलों में निर्माण नहीं होने की बात कही है कि उनमें सभी में मकान बने हुए थे। उधर, एसीईओ ने आश्वासन दिया कि प्रत्येक मामले को जांच करने के बाद ही आगे बढ़ाया जाएगा।
जीरो प्वाइंट पर जारी धरने को दिया समर्थन
ग्रेटर नोएडा (संवाद)। यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर जारी भारतीय किसान यूनियन के धरने को एयरपोर्ट के तीसरे चरण के गांव नीमका और खाजपुर के प्रभावित किसानों ने धरने को समर्थन किया। यूनियन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पवन खटाना ने कहा कि यमुना प्राधिकरण ने घोषणा की थी कि 15 अक्टूबर से किसानों को 64.7 फीसदी का मुआवजा वितरण किया जाएगा। लेकिन धरातल पर कोई भी कार्य नहीं हुआ। 21 अक्टूबर को धरने पर यूनियन के प्रमुख राकेश टिकैत पहुंच रहे है। इस मौके पर मटरू नागर, सचिन कसाना, इंद्रजीत कसाना, महेश खटाना, योगेश भाटी, सोनू मुखिया, नीरज कुमार, प्रदीप कुमार सिंह, महिपाल सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
सर्वोत्तम बिल्डर के खिलाफ धरना जारी
ग्रेटर नोएडा (संवाद)। सोमवार को सर्वोत्तम बिल्डर के खिलाफ किसानों का धरना जारी रहा। किसान नेता सुनील फौजी और मोहित नागर ने कहा कि अधिकारियों की मिलीभगत से बिल्डर किसानों की ज़मीन को कौड़ियों के भाव लेने का षड्यंत्र रच रहे है। लेकिन एक भी किसान इसकी बातों में आने वाला नहीं है। नए ज़मीन अधिग्रहण के साथ ही अब किसान कोई समझौता कर सकते है।