नूंह/नगीना। जिले में केंद्र सरकार के किसान संबंधी विधेयकों के खिलाफ किसान संगठनों से जुड़े लोगों ने जगह-जगह विरोध जताया। इस दौरान लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नगीना में बंद का मिला-जुला असर रहा।
नूंह के गांधी पार्क में किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष आजाद खान, रमजान चौधरी, दीन मोहम्मद मामलीका, हाजी काले खां सबरस, भाकियू के डॉ. रफीक आजाद आदि ने एक सुर में केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में किसान, मजदूर, व्यापारी सहित सभी वर्गों के लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं किया जा रहा है। सरकार की नीतियों से साफ पता चल रहा है कि वह किसानों के हितों के लिए कुछ नहीं करना चाहती। बिना बहस के किसानों से संबंधित बिल पास कर दिए गए। केंद्र सरकार किसानों के हितों की अनदेखी कर रही है। इससे सभी वर्गों के लोगों में भारी रोष है। किसानों के आंदोलन के मद्देनजर नूंह जिले के सभी थानों व चौकियों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई। सुबह से ही शहर में आने-जाने वाले लोगों पर विशेष निगरानी रखी गई।
नगीना में तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
नगीना में मेवात विकास सभा ने बड़कली चौक और मेवात कारवां ने फिरोजपुर झिरका के आंबेडकर चौक पर जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने के बाद मांगों से संबंधित ज्ञापन उपतहसीलदार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा गया। इस दौरान किसानों ने कहा कि सरकार ने मांगों को नहीं माना तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। किसान विरोधी विधेयक वापस हो और न्यूनतम समर्थन मूल्य कानून बनाया जाए। मौके पर मेवात विकास सभा प्रधान सलामुदीन, बामसेफ संयोजक समय सिंह सलंबा, किसान नेता आजाद खान, अब्दुल्ला पाडला, बुरहान खान, जावेद खान मौजूद रहे।