नूंह में बिल के विरोध में प्रदर्शन करते किसान।
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नूंह। कृषि विधेयकों के विरोध में नूंह में रविवार को विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान और मजदूर संगठनों ने सड़क जाम करने की चेतावनी भी दी। साथ ही यूनियन के सदस्यों ने जिला सचिवालय में नायब तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
मेवात किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष आजाद खान ने कहा कि सभी विधेयक पूरी तरह से किसान विरोधी हैं। किसान संगठन इन्हें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि सरकार कागजों में किसानों की आय दोगुना करने का दावा कर रही है, लेकिन धरातल पर कुछ भी काम नहीं हुए हैं। नूंह प्रदेश में सबसे पिछड़ा जिला है, यहां की अनाज मंडियों में किसानों को पर्याप्त सुविधा नहीं मिल रही है।
व्यापारियों द्वारा किसानों की फसलों को कम दामों पर खरीदा जा रहा है। ऊपर से सरकार द्वारा लाए गए कृषि विधेयकों से किसानों की परेशानियां और बढ़ जाएगी। सरकार को इन्हें वापस लेना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो किसान बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। यहां मुख्य रूप से रमजान चौधरी, अरशद टांई, किसान सभा के अध्यक्ष सलामुद्दीन सहित दर्जनों किसान मौजूद रहे। वहीं प्रदर्शन के मद्देनजर किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से निपटने के लिए शहर में जगह-जगह पुलिस के जवान तैनात रहे।