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Noida News: संशोधित प्राधिकरण पर किसानों का हल्ला बोल, बेरीकेडिंग तोड़ दोनों गेटों पर जड़े ताले

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संशोधित



प्राधिकरण पर किसानों का हल्ला बोल, बेरीकेडिंग तोड़ दोनों गेटों पर जड़े ताले



-करीब ढाई घंटे तक ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अंदर बंद रहे अधिकारी-कर्मचारी



-किसानों की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की, युवा किसान का पैर हुआ जख्मी



माई सिटी रिपोर्टर



ग्रेटर नोएडा। 10 फीसदी कृषक भूखंड समेत 19 सूत्रीय मांगों को लेकर जिले के किसानों ने मंगलवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर हल्ला बोल दिया। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने दोहरी बेरीकेडिंग तोड़कर दोनों गेटों पर ताले जड़ दिए। इसके बाद किसान वहीं धरने पर बैठ गए। गेट बंद होने के कारण तकरीबन ढाई घंटे तक प्राधिकरण के अंदर अधिकारी-कर्मचारी और फरियादी कैद रहे। पुलिस और प्राधिकरण के अफसरों ने किसानों को किसी तरह वार्ता के लिए मनाया। तब कहीं जाकर किसानों ने गेट खोलने दिया। उसके बाद किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल प्राधिकरण में वार्ता करने पहुंचा। वार्ता में ज्यादातर मुद्दों पर बनी सहमति बन गई है। हांलाकि किसानों का फैसला है कि उनका धरना जारी रहेगा।

अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले क्षेत्र के किसान मांगों को लेकर प्राधिकरण पर धरने पर बैठे हैं। राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर की अध्यक्षता में किसानों को लिखित आश्वासन दिया गया था, लेकिन उस समय भी मांग पूरी नहीं हो पाई। घोषणा के तहत मंगलवार को हजारों किसान 130 मीटर रोड स्थित प्राधिकरण गोल चक्कर पर एकत्र हुए। आंदोलन में पुरुष और युवा ही नहीं बल्कि बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं। दोपहर करीब पौने एक बजे किसान नेता डॉ. रुपेश वर्मा, सपा के सरधना विधायक अतुल प्रधान, सपा नेता राजकुमार भाटी, जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी,भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखवीर खलीफा, जय जवान जय किसान के अध्यक्ष सुनील फौजी, कांग्रेस के अजय चौधरी एवं लोकदल जिलाध्यक्ष जर्नादन भाटी समेत बड़ी संख्या में किसान प्राधिकरण के गेट नंबर एक पर पहुंच गए। बेरीकेडिंग को तोड़ने के दौरान पुलिस से किसानों की धक्का-मुक्की भी हुई। किसानों ने महिलाओं को आगे कर दिया और उन्होंने बेरीकेड तोड़ दिया। इसके बाद किसानों ने प्राधिकरण के गेट नंबर एक पर कब्जा करते हुए गेट पर ताला जड़ दिया। वहीं, पुलिस और अधिकारियों ने गेट नंबर दो को खोलने का प्रयास किया तो महिलाओं ने मोर्चा संभाला और गेट खोलने नहीं दिया। दोपहर पौने एक से सवा तीन बजे तक किसान दोनों गेटों पर जमे रहे। ढाई घंटे के बाद प्राधिकरण और पुलिस अधिकारी किसानों के बीच पहुंचे और काफी मानमनोव्वल के बाद वार्ता के लिए राजी हुए और गेट से हटे।
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वार्ता में ज्यादातर मुद्दों पर बनी सहमति, धरना रहेगा जारी
ग्रेटर नोएडा। किसान सभा के 50 सदस्य प्रतिनिधिमंडल और ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी समेत अफसरों के बीच चली चार घंटे की वार्ता में ज्यादातर मुद्दों पर सहमति बन गई है। हालांकि धरना अभी जारी रहेगा। किसान नेता डॉ. रुपेश वर्मा और सुनील फौजी ने बताया, प्राधिकरण सभी किसानों को चार फीसदी प्लॉट देने, न्यूनतम 120 वर्गमीटर भूखंड दिए जाने, प्रभावित किसान परिवारों के युवाओं को रोजगार देने आदि समेत कई अन्य मांगों को बोर्ड में ले जाने पर सहमति बन गई है। बैठक के निर्णय को लिखित प्रारूप पर लाने के लिए किसान नेता रूपेश वर्मा और सुनील फौजी भी प्राधिकरण के अफसरों के साथ होंगे। उसके बाद किसानों की जिला एक्शन कमेटी का अनुमोदन करेगी। 14 सितंबर तक यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इंद्र प्रधान, सुधीर चौहान, हरवीर सिंह, नरेश चपरगढ़, बबली गुर्जर, अशोक समेत हजारों की संख्या में महिला व अन्य किसान मौजूद रहे।
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