तावडू। तावडू अनाज मंडी में बृहस्पतिवार को फसल बेचने पहुंचे कई किसानों को खरीद एजेंसी ने वापस लौटा दिया।
किसानों के मुताबिक जारी किए गए शेड्यूल के मुताबिक वे मंडी में बाजरे की फसल बेचने पहुंचे थे। पहले दिन ही बड़ी संख्या में मंडी पहुंचे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। नाराज किसानों ने प्रशासन के खिलाफ रोष जताया और फसल बेचने के लिए वे अड़ गए। वहीं मंडी प्रशासन के मुताबिक शेड्यूल गलती से भेजा गया था। जिन किसानों के मोबाइल पर फसल बेचने का मैसेज आया है उन्हीं की फसल खरीदी जाएगी।
किसान आबिद, अख्तर, सब्बीर, नाजर, सदीक, अबरार, शौकत, आमिर, जरनैल, हनीफ जुबैर, इमरान ने बताया कि उनके गांव में पंचायत ने देर रात शेड्यूल के मुताबिक किसानों से बाजरे की फसल मंडी में ले जाने के लिए कहा गया था। इसके बाद मजदूरों की मदद से ट्रैक्टरों में बाजरे की फसल लेकर किसान मंडी पहुंचे। उन्होंने बताया कि मंडी में खरीद एजेंसी और अधिकारियों ने उन्हें गेट पास जारी नहीं किया और उन्हें बताया कि फसल नहीं खरीदी जाएगी सिर्फ मोबाइल पर मैसेज आने पर ही खरीदी की जाएगी।
व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त विक्रम सिंह भी तावडू अनाज मंडी पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्या सुनी और उन्हें समझाया। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ उपमंडल कार्यालय में बैठक कर खरीद संबंधित जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए किसानों के मोबाइल पर संदेश भेजा जा रहे हैं। इसलिए वही किसान मंडी में फसल बेचने के लिए आए जिनके मोबाइल पर संदेश आया हो। - मनीष कुमार, मार्केट कमेटी सचिव तावड़ू।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की गलती के कारण शेड्यूल ग्राम पंचायतों में पहुंच गया। इससे गलतफहमी हो गई और किसान मंडी पहुंचे। मोबाइल पर मैसेज आने पर ही किसान आए। - विक्रम सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त
30 सितंबर की देर शाम गांव में पंचायत द्वारा मंडी में बाजरे की फसल बेचने के लिए कहा गया, जिसके बाद अगले दिन ट्रैक्टर में फसल लेकर किसान मंडी पहुंचे, लेकिन गेट पास नहीं दिया गया - सद्दीक, किसान निवासी बावला।
कोविड के दौर में मंडी में किसानों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। सरकार किसानों को परेशान कर रही है। पहले दिन मंडी में फसल बेचने आए किसानों को दिक्कत हुई - रमजान चौधरी, सदस्य, राष्ट्रीय कार्यकारिणी जय किसान आंदोलन