सुनहेड़ा बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसान।
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पुन्हाना। हरियाणा-राजस्थान सीमा स्थित सुन्हेड़ा बॉर्डर पर मंगलवार को 29वें दिन भी आंदोलन जारी रहा। इस दौरान किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आंदोलनकारियों को आंदोलनजीवी कहने पर नाराजगी जताई। किसानों का कहना है कि अब प्रधानमंत्री को अपने हकों के लिए आंदोलन करना भी चुभ रहा हैं। जबकि, पीएम खुद ही आंदोलन करते थे।
मेवात किसान मोर्चा के प्रवक्ता रशीद अहमद, अरशद मीलखेड़ला, अरशद नीमका और मुफ्ती सलीम आदि का कहना है कि राज्यसभा में प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए भाषण से उनका अहंकार झलक रहा है। किसान बार-बार बातचीत के लिए प्रधानमंत्री के फोन का इंतजार कर रहे हैं। किसानों ने कहा कि जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार अगर अपनी जिद्द पर अड़ी है तो किसान भी पीछे हटने वाले नहीं हैं। किसानों का आरोप है कि सरकार पूंजीपतियों के दबाव में काम कर रही है। धरनास्थलों पर करीब 200 किसान शहीद हो चुके हैं, लेकिन प्रधानमंत्री ने संसद में उन किसानों के परिवारों को सांत्वना देने और आर्थिक मदद के लिए एक शब्द भी नहीं कहा, बल्कि धरनास्थलों से बुजुर्गों, बच्चे और महिलाओं चले जाने की अपील की। इस मौके पर काफी संख्या में किसान और किसान नेता मौजूद रहे।