ग्रेटर नोएडा। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के किसानों ने सोमवार को भारत बंद के घोषणा के तहत यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट के पास नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे को बंद कर दिया। सुबह 10:30 से दोपहर 1:30 तक तक नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे बंद रखा। तीनों प्राधिकरण अफसरों के साथ वार्ता का प्रस्ताव मिलने पर किसानों ने एक्सप्रेसवे खोला और यमुना प्राधिकरण में वार्ता कर अपनी मांगों रखीं। वार्ता के दौरान प्राधिकरण ने किसानों की मांगों पूरी करने का आश्वासन दिया है।
भारत बंद की घोषणा पर भाकियू के किसान ट्रैक्टर और गाड़ियां लेकर यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर एकत्रित हुए। यहां से किसानों ने परी चौक की तरफ कूच किया, लेकिन पुलिस ने गलगोटिया अंडरपास से पहले ही किसानों को रोक दिया। यहां पुलिस के साथ झड़प भी हुई। उसके बाद सभी किसान एक्सप्रेसवे पर ही बैठ गए और पंचायत शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने। किसानों ने पंचायत में फैसला लिया कि जिले की समस्याओं का समाधान प्राधिकरण तत्काल करें। कुछ देर बाद पुलिस व प्रशासन ने तीनों प्राधिकरण के अफसरों के साथ वार्ता कराने का आश्वासन दिया और एक्सप्रेसवे को खुलवाया। किसान एक्सप्रेसवे से हटकर मेट्रो स्टेशन के नीचे बैठ गए। उसके बाद यमुना प्राधिकरण में अफसरों के साथ किसानों की बैठक हुई। संगठन के प्रदेश प्रवक्ता पवन खटाना ने कहा कि युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है। किसानों की जमीन पर बनी कंपनियों 200 किमी दूर के लोगों को नौकरी पर रख रही है। किसानों की आबादी का निस्तारण तत्काल करें। सभी किसानों को 10 प्रतिशत भूखंड और अतिरिक्त मुआवजा दें। प्राधिकरण के अफसरों ने 15 अक्तूबर तक मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है। किसानों ने मांग पूरी नहीं होने पर नोएडा में धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
जाम लगने पर डायवर्ट किया यातायात
किसानों के प्रदर्शन के कारण नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे पर जाम लग गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने तभी सफीपुर के पास से एक्सप्रेसवे के यातायात को सर्विस रोड पर डायवर्ट कर दिया, लेकिन इस बीच काफी वाहन जाम में फंस चुके थे। पुलिस ने धीरे-धीरे उनको भी जाम से निकाला। सफीपुर गांव के पास से वाहन सर्विस रोड पर जाकर परी चौक की तरफ निकले।
अंबावता गुट ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) गुट के किसान कलेक्ट्रेट पर पहुंचे। यहां किसानों ने राष्ट्रपति के नाम डिप्टी कलेक्टर को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। किसानों ने तीनों कृषि कानून को वापस लेने, 60 वर्ष की उम्र होने पर किसानों को 5000 रुपये की पेंशन, शिक्षित बेरोजगार को 5000 प्रति माह भत्ता देने समेत अन्य मांग की है।