पलवल। पिछले चार महीनों से कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों ने सोमवार को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) बचाओ दिवस मनाया। किसानों ने अलावलपुर चौक स्थित एफसीआई गोदाम पर विरोध प्रदर्शन कर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने एफसीआई कार्यालय के कामकाज को प्रभावित नहीं किया। किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर एफसीआई को सलामत रखने की अपील की।
किसान संघर्ष समिति के तत्वावधान में आयोजित धरने की अध्यक्षता चेतराम चौहान मीतरौल ने की, जबकि संचालन राहुल तंवर पृथला ने किया। इस दौरान किसानों ने गीतों और चौपाइयों के माध्यम से सरकार पर कटाक्ष किया। मुख्य वक्ता जगन डागर ने कहा कि किसान आंदोलन बिल्कुल सही दिशा में जा रहा है। बुजुर्ग, बच्चे और महिलाओं सहित जन-जन तक आंदोलन पहुंच चुका है। आज हर कोई आंदोलन की चर्चा कर रहा है। सरकार के पैर उखड़ चुके हैं। वहीं, मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि एफसीआई खत्म हुआ तो किसान मुश्किल में पड़ जाएंगे। भारत सरकार एफसीआई का लगातार बजट कम कर रही है। साथ ही एफसीआई के खरीद केंद्रों को भी कम किया जा रहा है। किसानों की मांग है कि एफसीआई के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाए और इसका पूरा उपयोग किया जाए। किसान की फसल खरीद की प्रक्रिया को न्यूनतम समय में पूरा किया जाए। साथ ही एफसीआई के कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
राष्ट्रवादी विचार मंच के अध्यक्ष स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि किसान अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। अब गेहूं की फसल मंडी में आ रही है। अगर यह कानून लागू हो गए तो भारतीय खाद्य निगम नहीं बचेगा, क्योंकि प्राइवेट मंडियों के आ जाने से केवल प्राइवेट एजेंसी ही खरीद करेंगे। धरने को किसान नेता रतन सिंह सौरोत, किसान सभा के जिला प्रधान धर्मचंद घुघेरा, रूपराम तेवतिया, राजेश रावत, अच्छेलाल जोधपुर, दलबीर डागर गोपीखेड़ा, करतार औरंगाबाद, श्रीपाल भाटी, रणवीर चौहान ने संबोधित किया।
तैनात रहा भारी पुलिस बल
एफसीआई गोदाम पर प्रदर्शन को लेकर जिले की पुलिस सतर्क दिखी। धरनास्थल पर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा। डीएसपी अनिल कुमार गोदाम पर सुरक्षा की कमान संभाले हुए थे। इनके अलावा कैंप थाने से सब इंस्पेक्टर लक्ष्मीनारायण और सब इंस्पेक्टर विजयपाल भी तैनात रहे।
शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि
धरना-प्रदर्शन के दौरान छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में शहीद हुए 22 जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान कृषकों ने कहा कि किसानों के बेटे बॉर्डरों पर देश की रक्षा के लिए निरंतर कुर्बानियां दे रहे हैं और सरकार किसानों को देशद्रोही साबित करने में लगी है।
संपत्ति क्षति पूर्ति विधेयक के खिलाफ बृहस्पतिवार को प्रदर्शन
किसान नेताओं ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा लाए गए संपत्ति क्षति पूर्ति विधेयक के खिलाफ बृहस्पतिवार को विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 10 अप्रैल को केएमपी एक्सप्रेसवे के जाम को लेकर रणनीति बनाई जा रही है।