धरनास्थल पर जाने से रोकने पर किसान नाराज
नोएडा। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बुधवार को देश के सभी जिला मुख्यालयों पर जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। मंगलवार को भाकियू (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा कि किसानों को धरना स्थल पर आने से जगह-जगह पुलिस रोक रही है। यही वजह है कि जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भाकियू (भानु) के धरने को समर्थन देने के लिए देश के कई हिस्सों से किसान यहां आना चाहते हैं, लेकिन पुलिस आने नहीं दे रही है। यह किसानों का देश है। इस सरकार से पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था कि दिल्ली आने-जाने पर किसानों पर प्रतिबंध लगा दिया गया हो। बॉर्डर पर पुलिस के बल पर किसानों को रोक दिया जाता है। केंद्र व यूपी सरकार तानाशाह प्रवृति से चल रही हैं। किसानों की गाड़ियों से भाकियू (भानु) के झंडे और पट्टियां उतारी जा रही हैं। ऐसा लगता है कि यह लोग हिटलरशाही और तानाशाही से हमें दबाना चाहते हैं, लेकिन हम किसानों की बात कहते रहेंगे। अगर तानाशाही रवैया नहीं रुका और संगठन के लोग उग्र हो गए तो देश जलने लगेगा। हम यह नहीं चाहते, शांति चाहते हैं। लोकतांत्रिक रवैये से काम कर रहे हैं। सरकार को भी ऐसा ही करना चाहिए।
नजरबंद किए जा रहे कार्यकर्ता
भाकियू (भानु) के प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि हमारे कार्यकर्ता नजरबंद किए जा रहे हैं। थाने में बैठाया जा रहा है। उनसे लिखाया जा रहा है कि वह दिल्ली नहीं जाएंगे। सरकार ऐसा रवैया बंद कर दे, जो भी किसान यहां आना चाहते हैं उन्हें आने देना चाहिए। अगर सरकार तानाशाही पर अड़ती है तो सारे किसान भी एकजुट होंगे। उन्होंने एक सांसद का नाम लेते हुए उनकी ओर से किसानों को कही गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर रोष जताते हुए कहा कि हम प्रधानमंत्री से निवेदन करते हैं कि ऐसे सांसदों पर कार्रवाई करें।
संत श्रीकृष्ण आश्रम दंडी स्वामी का समर्थन
संत श्रीकृष्ण आश्रम दंडी स्वामी ने किसानों को समर्थन दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम एक खुला पत्र लिखा है। उन्होंने चिल्ला बॉर्डर पर आकर प्रधानमंत्री के नाम संदेश देते हुए तीनाें कृषि कानूनों को खत्म करने की मांग की। भाकियू (भानु) के प्रदेश अध्यक्ष ने अपने ट्विटर हैंडल से इसे ट्वीट भी किया।
दूसरे दिन भी भूख हड़ताल पर बैठे 11 किसान
मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (भानु) के 11 कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर बैठे। इनमें रामेश्वर चौधरी, केपी सिंह ठेनुवा, डॉक्टर तरुण शर्मा, गजेंद्र सिंह, कुंती भोज रावत, चौधरी योगेश चोरौली, ठाकुर धीर सिंह, अजय ठाकुर, लोकेश जाटव और जगदीश रावत शामिल रहे। किसानों का कहना है कि यह भूख हड़ताल आगे भी जारी रहेगी।