नूंह। किसानों की रबी पक कर तैयार हो रही है। ऐसे में किसानों को फसल बेचने में कोई दिक्कत न हो इसके लिए सभी किसान अपनी फसलों का ब्योरा मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर दर्ज करवा लें। किसान आसानी से अपनी फसलों का ब्योरा अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर दर्ज करवा सकते हैं। यह बात उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने कही। उन्होंने ने कहा कि किसान अपनी सुविधा के अनुरूप किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर, मार्केट कमेटी के कार्यालय, पटवारियों के माध्यम से फसलों का ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवा सकते हैं। रबी फसलों के पंजीकरण के लिए जनवरी से फसल पंजीकरण का कार्य शुरू हो चुका है।
उन्होंने कहा कि जो किसान पोर्टल पर फसलों का पंजीकरण नहीं करवाते हैं उनको फसल बेचने में दिक्कत आ सकती है। उन्होंने कहा कि फसलों को मंडियों में सहजता से बेचने के लिए परिवार पहचान-पत्र बनवाना भी आवश्यक है। जिन लोगों ने अपने परिवार पहचान-पत्र नहीं बनवाए है वे तुरंत बनवाना सुनिश्चित करें। परिवार पहचान पत्र को मेरी फसल मेरा ब्योरा के लिए अनिवार्य किया गया है। लॉकडाउन के दौरान किसानों को काफी फायदा पहुंचा था। किसानों के मोबाइल पर मैसेज आता था कि उन्हें अपना गेहूं और सरसों लेकर मंडी में किस दिन किस समय आना है।
ऐसे कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन :
आधार कार्ड और मोबाइल नंबर जरूरी है। फसल से संबंधित जानकारी रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस से मिलेगी। जमीन की जानकारी के लिए रेवेन्यू रिकॉर्ड के नकल की कॉपी, खसरा नंबर देख कर भरना होगा। फसल के नाम, किस्म और बुआई का समय मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर भरना होगा। बैंक पासबुक की कॉपी भी लगानी होगी, ताकि किसी भी स्कीम का लाभ सीधे अकाउंट में भेजा जा सके।
इसके तीन फायदे :
1. खाद, बीज, लोन एवं कृषि उपकरणों की सब्सिडी समय पर उपलब्ध होगी।
2. फसल की बिजाई-कटाई का समय और मंडी संबंधित जानकारियां मिलेंगी ।
3. प्राकृतिक आपदा के बाद सही समय पर सहायता मिल सकेगी, क्योंकि आपकी फसलों का ब्योरा पहले से ही इस पोर्टल पर दर्ज होगा।