अजनारा होम्स सोसाइटी में चल रहा था साइबर ठगी का अड्डा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बिसरख कोतवाली पुलिस ने साइबर ठगी के गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित अजनारा होम्स सोसाइटी के फ्लैट में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर देशभर के लोगों को ऋण दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहे थे। पुलिस ने उनके पास से तीन मोबाइल, डायरी, लैपटॉप, व्हाट्सएप चैट, फर्जी अप्रूवल लेटर आदि बरामद किए हैं। उनके खिलाफ आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों से शिकायतें मिलीं हैं। आरोपी दो माह में 100 से अधिक लोगों से करीब एक लाख ठगी कर चुके हैं।
एडीसीपी सेंट्रल नोएडा स्वतंत्र सिंह का कहना है कि 8 जुलाई की रात पुलिस को सोसाइटी के टावर-ई से की जा रही ठगी की जानकारी मिली। संबंधित मोबाइल नंबर को राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर जांचने पर पहले से शिकायत दर्ज मिली। इसके बाद पुलिस ने उन्हें पकड़ा। आरोपियों की पहचान गाजियाबाद निवासी सागर चौहान और मथुरा निवासी कुलदीप के रूप में हुई है। दोनाें लोन 112, रूपी 112 और अन्य फर्जी एप के नाम पर कॉल कर पहले कम अवधि का लोन देने का झांसा देते थे। बाद में अधिक राशि का लोन स्वीकृत कराने का झांसा देकर पहले वाले लोन को बंद कराने के नाम पर भुगतान कराते थे। रकम जमा होने के बाद न तो बड़ा लोन मिलता था और न ही पहले का लोन बंद किया जाता था।
दो माह पर बदलते थे पता
आरोपी लोन दिलाने का लालच देते थे। फिर फर्जी लोन अप्रूवल लेटर भेजकर विश्वास में लेते थे। ठगी के बाद सिम कार्ड एवं मोबाइल फोन नष्ट कर देते थे। फर्जी बैंक खाते एवं सिम उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति अपने कमीशन के रूप में 20 प्रतिशत धनराशि काटकर शेष 80 प्रतिशत रुपये नोएडा में दे जाता था। फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने वाला एक अन्य व्यक्ति भी इस पूरे नेटवर्क में शामिल है, जिसकी पहचान गौरव के रूप में हुई है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस ने मौके से बरामद मोबाइल फोन, और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को कब्जे में लेकर सुरक्षित कर लिया है। आरोपी प्रत्येक दो माह पर अपना पता बदल देते थे।