ग्रेटर नोएडा के दादरी कोतवाली पुलिस ने एक फर्जी डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। भाजपा नेता बनकर आरोपी फर्जी डॉक्टर ने धोखाधड़ी की। आरोपी ने शाहबेरी में किराये पर मकान लेकर अस्पताल का बोर्ड लगाया और एंबुलेंस खड़ी कर जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराकर जाल में फंसाई गई युवतियों के नाम पर लाखों का लोन ले लिया।
ग्रेटर नोएडा के दादरी कोतवाली पुलिस ने भाजपा नेता बनकर फर्जीवाड़ा करने वाले मूलरूप से महाराष्ट्र निवासी फर्जी डॉक्टर पूर्णव शंकर शिंदे को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने बीएएमएस महिला से शादी करने के बाद वैवाहिक वेबसाइट की मदद से एक एमबीबीएस युवती समेत चार युवतियों से शादी की।
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आरोपी ने शाहबेरी में किराये पर मकान लेकर अस्पताल का बोर्ड लगाया और एंबुलेंस खड़ी कर जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराकर जाल में फंसाई गई युवतियों के नाम पर लाखों का लोन ले लिया। शिंदे के पास से एंबुलेंस, कार के अलावा कई फर्जी विवाह प्रमाणपत्र, पहचान पत्र व 19 कागजात बरामद हुए हैं। आरोपी भाजपा महामंत्री और कार पर भारत सरकार लिखकर घूमता था।
एडीसीपी अशोक कुमार ने बताया कि साइबर सेल प्रभारी आशीष यादव और दादरी कोतवाली प्रभारी सुजीत उपाध्याय को सूचना मिली थी कि सेक्टर म्यू-दो में एक संदिग्ध व्यक्ति रहता है, जो खुद को भाजपा नेता व एमबीबीएस डॉक्टर बताता है।
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उसकी कार पर महाराष्ट्र के जलगांव का जिला महामंत्री लिखा है। सूचना देने वाले ने आरोपी को फर्जी नेता और डाॅक्टर बताया था। शुक्रवार को शिंदे घोड़ी बछेड़ा गांव के पास अस्पताल खोलने के लिए जगह तलाश रहा था, तभी पुलिस से उसे पकड़ लिया।
शुरुआत में आरोपी ने खुद को भाजपा नेता और एमबीबीएस डॉक्टर बताया लेकिन उसकी कार से एक ही नंबर के आर्य समाज मंदिर के दो विवाह प्रमाणपत्र मिले, तो उसने सच्चाई उगल दी। दोनों ही प्रमाणपत्र फर्जी थे। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसकी पहली पत्नी का नाम प्रजाक्ता शिंदे है। वह बीएएमएस है। शिंदे कुछ माह पहले दिल्ली के वसंत विहार में रहता था।
धोखा देने पर दूसरी पत्नी ने आरोपी को छोड़ा
वर्ष 2019 में दिल्ली में रहने के दौरान शिंदे की मुलाकात एमबीबीएस डॉ. पूजा कुशवाहा से हुई थी। आरोपी ने खुद को ऑस्ट्रेलिया से एमबीबीएस करने और अविवाहित होने की बात कर डॉ. पूजा से नजदीकी बढ़ाई फिर शादी कर ली। कुछ दिन ही बाद पूजा को पता चला कि शिंदे शादीशुदा है। इस पर डॉ. पूजा ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही तो वह दिल्ली से प्रजाक्ता को लेकर भाग निकला। आरोपी डॉ. पूजा की डिग्री व अन्य दस्तावेज भी ले आया।
वैवाहिक वेबसाइट से नंबर लेकर युवतियों को फंसाया
पूजा की डिग्री हाथ लगते ही आरोपी ने फर्जीवाड़े की साजिश रची। आरोपी ने अपनी पहली पत्नी की भी पूजा के नाम से फर्जी एमबीबीएस की डिग्री बना ली। शिंदे ने वैवाहिक वेबसाइट से नंबर लेकर युवतियों से संपर्क शुरू कर दिया और खुद को डॉक्टर बताकर उन्हें शादी के लिए तैयार किया।आरोपी ने एक-एक कर चार युवतियों से शादी की। इन लड़कियों से शादी के बाद इनके पहचान पत्र में संशोधन कराकर सबके के नाम पूजा करा दिए। इसके बाद सभी की फर्जी एमबीबीएस की डिग्री बनवा दी।
मल्टी हॉस्पिटल और फाउंडेशन खोलकर किया जालसाजी
आरोपी ने शाहबेरी में किराये पर मकान लेकर अश्वपूर्व फाउंडेशन और अश्वपूर्व मल्टी हॉस्पिटल के नामक बोर्ड लगा दिया। आरोपी ने खुद और पहली पत्नी को एमबीबीएस डाॅक्टर बताकर बोर्ड पर लिखा और जीएसटी रजिस्ट्रेशन भी कराया। यहां और आरोपी के घर मरीज आते तो प्रजाक्ता उसे देखकर दवा का पर्चा भी बना देती। आरोपी न केवल फाउंडेशन व अस्पताल के नाम पर लोन लिया, बल्कि दो जीएसटी रजिस्ट्रेशन नंबर जारी करा लिए।
जीएसटी रिफंड कर भी आरोपी ने राजस्व को चूना लगाया। आरोपी ने पत्नी प्राजक्ता को पूजा कुशवाहा के नाम पर पेश कर फाइनेंस कंपनी से लोन लिया। गाड़ी और स्कूटी को फाइनेंस कराया। एसबीआई व अन्य बैंक व फाइनेंस कंपनी से लोन व क्रेडिट कार्ड लिए। आदित्या बिरला कैपिटल फाइनेंस से पांच लाख का लोन अश्वपूर्वा मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल के नाम पर लिया गया है। आरोपी ने एक कंपनी प्राजक्ता के साथ पार्टनरशिप में बनाई। आरोपी ने अपना ड्राइविंग लाइसेंस भी कपिल त्यागी के नाम से बनाया।
दादरी विधायक के नाम की भी बनवाई फर्जी मुहर
आरोपी शिंदे पहचानपत्र में संशोधन के लिए जनप्रतिनिधियों के फर्जी हस्ताक्षर भी कर लेता था। पुलिस ने शिंदे के पास एक पैन कार्ड संशोधन का फार्म भी बरामद किया है। फार्म पर पूजा शिंदे नाम लिखा है और दादरी विधायक तेजपाल नागर के फर्जी हस्ताक्षर भी हैं। आरोपी ने पांच माह पहले महाराष्ट्र की एक युवती से भी धोखा देकर शादी की। वह अब गर्भवती है। जब पुलिस ने उससे संपर्क किया और आरोपी के फर्जीवाड़े व गिरफ्तारी की जानकारी दी तो वह रोने लगी। अब पुलिस फर्जी पहचानपत्र बनाने वालों को तलाश रही है।