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फर्जी कंपनी बना बैंकों से लोन लेकर 10 करोड़ ऐंठे, एसटीएफ ने तीन आरोपियों को पकड़ा

Sat, 19 Oct 2019 05:19 AM IST
नोएडा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
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लोन के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी ।
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एसटीएफ के साइबर थाने ने फर्जी कंपनी बनाकर बैंकों से 10 करोड़ रुपये से अधिक का लोन लेकर फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। एसटीएफ की टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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आरोपी फर्जी कंपनी बनाकर कर्मचारियों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर लेते थे। फिर कर्मचारियों के नाम पर बैंक से लोन लेते थे। लोन लेने के बाद आरोपी ऑफिस बंद करके फरार हो जाते थे। आरोपी सेक्टर-142 एडवंट टावर में इंटीरियर डिजाइनिंग का ऑफिस खोलकर गिरोह चला रहे थे।

सेक्टर-36 स्थित एसटीएफ के साइबर थाने की टीम ने बृहस्पतिवार रात को सेक्टर-142 से ओल्ड फरीदाबाद निवासी अरिंदम मैती उर्फ आशीष सिंह, बल्लभगढ़ निवासी रवि कुमार उर्फ हरीश चंद्र व फरीदाबाद निवासी मोहम्मद शारिक को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपी एक बैंक में लोन दिलाने का काम करते थे। इस कारण आरोपियों को लोन के बारे में पूरी जानकारी थी।
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वर्ष 2017 में इन लोगों ने फरीदाबाद में एफआईएस ग्लोबल नाम से लोन दिलवाने की कंपनी खोली। आरोपी जिस बैंक में काम करते थे। वहां के ग्राहकों को अपने यहां तोड़कर ले आए। इसके बाद लोन दिलाने के नाम पर उनसे असली दस्तावेज जैसे आधार, वोटर आईडी लेते थे। उनके दस्तावेज को लेकर उन लोगों को कंपनी का कर्मचारी दिखाते थे। उन लोगों के सैलरी अकाउंट भी खुलवाते थे और उसमें पैसे भी डालते थे।

इसके बाद उन अकाउंट होल्डर के नाम से बैंक में लोन के लिए आवेदन देते थे। आरोपियों ने फरीदाबाद में 21 लोगों के लोन करवाकर 1.36 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया। इसके बाद ऑफिस बंदकर भाग गए।

वर्ष 2018 में नोएडा के सेक्टर-142 में एडवंट टावर में सातवें फ्लोर पर विनसम डिजाइन प्राइवेट लिमिटेड नाम से इंटीरियर डेकोरेशन का ऑफिस खोला। इस कंपनी की आड़ में ये लोग लोन दिलाने का ही काम करते थे। इसके बाद तीनों ने मिलकर लोगों से संपर्क बनाए और कबाड़ी से लेकर अन्य लोगों के दस्तावेज किसी न किसी तरह लेते थे। इनके आधार पर उस नाम के व्यक्ति को अपनी कंपनी का कर्मचारी बनाकर सैलरी अकाउंट खुलवा लेते थे।

फिर लोन के लिए अप्लाई करते थे। सैलरी अकाउंट के लिए एड्रेस ऑफिस का ही देते थे। आरोपियों ने पर्सनल लोन, कार लोन से लेकर कई तरह के लोन लेकर बैंकों को दस करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की।

ये हुई बरामदगी
इनके पास से अलग-अलग बैंकाें के 127 डेबिट व क्रेडिट कार्ड, 68 पैन कार्ड, 48 आधार कार्ड, 23 मोबाइल, 10 फर्जी मोहरें, विभिन्न बैंकों की 127 चेकबुक, कार, 27 सिम कार्ड और 2 वोटर आईडी बरामद किए गए हैं।

कई बड़े बैंकों को बनाया शिकार
एसटीएफ के मुताबिक, इस गिरोह ने करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक का लोन लेकर बैंकों के साथ फर्जीवाड़ा किया है। जांच में पता चला है कि आईसीआईसी बैंक, कोटक महिंद्रा, एचडीएफसी, बंधन बैंक समेत कई बैंकों को आरोपियों ने शिकार बनाया है। एसटीएफ इनके अन्य खातों की जांच कर रही है।

ऐसे तैयार करते थे फर्जी दस्तावेज
आरोपी फर्जी कंपनी खोलने के लिए पहले फर्जी प्रपत्र तैयार करते थे। इसके लिए किसी भी शख्स का फोटो गूगल से उठाकर आधार व पैन कार्ड पर लगा देते थे। इसके बाद फर्जी दस्तावेज के आधार पर बैंक में खाता खुलवाते थे। जिनका खाता खुलवाया जाता था उन्हें कंपनी में कर्मचारी बताया जाता था। बैंक को भरोसे में लेने के लिए अपने कथित कर्मचारियों के खाते में कई महीने तक पैसे डालते थे लेकिन कुछ दिन में ही निकाल लेते थे।

दो महीने पहले पकड़े गए थे तीन भाई
एसटीएफ ने दो महीने पहले ही इसी तरह के ही एक गिरोह का खुलासा किया था। बिहार निवासी तीन भाई गिरोह चला रहे थे। इस गिरोह का सरगना मनोज कुमार ठाकुर था। इसने तीन फर्जी कंपनियां सेक्टर-63 में टेक डेटा, सेक्टर-10 में न्यू जेन व कंप्यूटर एसोसिएट्स बनाई थी। इन कंपनियों के खाते विभिन्न बैंकों में खोल दिए थे।

इसके बाद फर्जी कर्मचारियों के नाम से खाते खोलकर कर्मचारियों के खाते में कुछ महीने तक पैसे डाले गए, ताकि बैंक को विश्वास हो जाए। इसके बाद आरोपी कथित कंपनी कर्मचारियों के नाम पर पर्सनल व कार लोन लेते थे। बैंक को एक या दो किश्त देकर ये लोग फरार हो जाते थे। इन आरोपियों ने भी दस करोड़ रुपये से अधिक का फर्जीवाड़ा किया था।

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