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अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

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ग्रेटर नोएडा। साइबर सेल और बिसरख कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को अमेरिका के नागरिकों को ठगने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गौड़ सिटी-2 16 एवेन्यू के फ्लैट नंबर 18084 से राजस्थान के बीकानेर निवासी राजीव कुमार, महिपालपुर नई दिल्ली निवासी सचिन और मधुबनी बिहार निवासी अभिषेक झा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तीन लैपटॉप, तीन मोबाइल, पांच हेड फोन, दो पर्स, डेबिट कार्ड, पेन कार्ड, दो डिजिटल घड़ी, 65950 रुपये और टाटा हैरियर कार बरामद की है। आरोपी कॉल कर ई-कॉमर्स कंपनी के गिफ्ट कार्ड आदि भुनाने में मदद का झांसा व खाता बंद होने का हवाला देकर मोबाइल-लैपटॉप में एप डाउनलोड कराकर ठगते थे।
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एडीसीपी अंकुर अग्रवाल ने बताया कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौड़ सिटी-2 स्थित फ्लैट में फर्जी कॉल सेंटर संचालित किए जाने की सूचना मिली थी। क्राइम ब्रांच और बिसरख कोतवाली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर फ्लैट से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मौके से सामान बरामद कर लिया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उनके कुछ दोस्त एक कॉल सेंटर में अमेरिका के लोगों को टेक्निकल सपोर्ट करने का काम करते हैं। वह विदेशियों को विभिन्न जानकारियां देते हैं। दोस्तों के जानकारी देने के बाद आरोपियों ने ठगी की साजिश रची और अमेरिका के लोगों का डाटा जुटाकर ठगना शुरू कर दिया। अब पुलिस टेक्निकल सपोर्ट का काम करने वाले आरोपियों के दोस्तों से भी पूछताछ करेगी और डाटा उपलब्ध कराने वाले लोगों की भी तलाश शुरू की है।
12वीं पास आरोपियों ने अंग्रेजी स्पीकिंग कोर्स कर शुरू की ठगी
साइबर सेल प्रभारी बलजीत सिंह ने बताया कि आरोपियों ने तीन माह से कॉल सेंटर खोल रखा था। आरोपी प्रतिदिन एक दो लोगों को ठगते थे। आरोपियों से बरामद कार आदि सामान भी ठगी की रकम से खरीदा गया है। आरोपी केवल 12वीं पास हैं, लेकिन विदेशियों से बात करने के लिए तीनों ने एक साथ दिल्ली से अंग्रेजी स्पीकिंग कोर्स किया था। वहीं, बिसरख पुलिस का कहना है कि आरोपी दिसंबर से गौड़ सिटी सोसाइटी में रहते थे।
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आसानी से फंस जाते हैं यूएसए निवासी
साइबर टीम का कहना है कि भारत में ठगी के मामले में काफी बढ़ गए हैं। ऐसे में यहां के निवासी जागरूक होते जा रहे हैं और दर्जनों कॉल करने के बाद कोई एक आरोपियों की बातों में आता है, लेकिन अमेरिका के लोग अभी आसानी से आरोपियों की बातों में आ जाते हैं।
ऐसे करते थे ठगी
आरोपी अमेरिका के नागरिक का नंबर जुटाकर कंप्यूटर जेनरेट कॉल करते थे। इसमें किसी ई कॉमर्स कंपनी के कस्टमर केयर का हवाला दिया जाता था और उन्हें बताते थे कि उनके नाम से एक गिफ्ट कार्ड है। अगर वह इस्तेमाल नहीं किया तो एक्सपायर हो जाएगा। वहीं, कभी आरोपी विदेशी को यह कहकर कॉल करते थे कि उनके नाम पर कुछ बकाया है अगर जल्द भुगतान नहीं किया तो खाता बंद हो जाएगा। वह विदेशी को गिफ्ट कार्ड भुनाने और बकाया भुगतान में मदद का हवाला देकर एक एप डाउन लोड करने के लिए कहते हैं। इसके बाद आरोपी उनके मोबाइल-कंप्यूटर में की जा रही प्रोसेसिंग अपने मोबाइल-कंप्यूटर में देखते रहते थे और सीक्रेट जानकारी हासिल कर उनके खाते से रुपये निकाल लेते थे।
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