ग्रेटर नोएडा में बीती बुधवार को एक कार ने स्कूल बस का इंतजार कर रहे बच्चों और अभिभावकों को रौंद डाला। इस हादसे में तीन बच्चों समेत पांच लोग घायल हुए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चला रही महिला मोबाइल देख रही थी।
स्कूल बस का इंतजार कर रहे बच्चों और अभिभावकों को कार ने रौंद दिया। बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पंचशील ग्रींस-2 सोसाइटी के मुख्य गेट पर हुए हादसे में तीन बच्चों समेत पांच लोग घायल हो गए। हादसे में एक बच्ची के हाथ पर पहिया चढ़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि कार चला रही महिला मोबाइल देख रही थी। वहीं पुलिस अधिकारियों ने ब्रेक की जगह एक्सीलेटर दबाने से हादसा होने की बात कही है।
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निवासियों के मुताबिक, बुधवार सुबह रोजाना की तरह सोसाइटी के गेट पर 100 से अधिक बच्चे और अभिभावक स्कूल बस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान एक कार ने पहले स्कूटी को टक्कर मारी और फिर बस का इंतजार कर रहे लोगों को रौंद दिया। मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय निवासियों ने आनन-फानन में बच्ची को कार के नीचे से निकाला। हादसे में घायल स्कूटी सवार टीना और बेटे संग खड़े मृणाल त्रिपाठी समेत तीन बच्चों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को घर भेज दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार एक महिला चला रही थी। आरोप है कि कार चलाते वक्त महिला मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रही थी। गेट के ढलान पर अचानक नियंत्रण खोने के बाद महिला ने ब्रेक लगाने की बजाय एक्सीलेटर दबा दिया। इससे कार की गति तेज हो गई। कार सामने खड़ी स्कूटी और खड़े लोगों से जा टकराई। निवासियों का दावा है कि महिला कार चलाना सीख रही है।
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नहीं मिली शिकायत
घटना की सूचना मिलते ही बिसरख कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। बिसरख कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि कार को कब्जे में लेकर जब्त कर लिया गया है। हालांकि, इस मामले में अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है।
चालान काटने के बाद कार जब्त कर ली गई है। किसी की तरफ से शिकायत नहीं मिली है। दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। इसकी सूचना दोनों पक्ष ने पुलिस को दी है। महिला के पास लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस की बात बताई गई है। जांच नहीं होने के कारण इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। - स्वतंत्र कुमार सिंह, एडीसीपी सेंट्रल नोएडा
रफ्तार कम न होती तो जा सकती थी कई लोगों की जान
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि स्कूटी से टकराने के बाद कार की रफ्तार थोड़ी धीमी हो गई थी। इससे बड़ा हादसा टल गया। अगर कार की गति कम नहीं हुई होती तो कई लोगों की जान भी जा सकती थी। हादसे में घायल मृणाल त्रिपाठी ने बताया कि टक्कर इतनी तेज थी कि संभलने का मौका नहीं मिला। आरोप है कि आरोपी महिला ने घायलों की मदद करने के बजाय असंवेदनशीलता दिखाई। हादसे के बाद वह अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने चली गई।