यमुना एक्सप्रेस वे पर बुधवार को आपसी रंजिश में रोडवेज बस रोककर उसमें मौजूद कुछ यात्रियों से की गई मारपीट ने एक बार फिर एक्सप्रेस वे की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। इससे आम लोगों में भय है कि यमुना एक्सप्रेस वे पूरी तरह असुरक्षित है। यहां कोई भी बदमाश किसी भी घटना को अंजाम दे सकता है।
पिछले दिनों इसी तरह एक्सप्रेस वे पर जेवर और रबूपुरा क्षेत्र में एक्सल/छल्ला गिरोह द्वारा लूटपाट की दर्जनों वारदात को अंजाम दिया गया था। एक परिवार के साथ बदमाशों ने अभद्रता भी की थी। आसपास के लोगों का आरोप है कि यमुना एक्सप्रेस वे पर पुलिस गश्त नहीं करती है।
केवल नीचे वाले क्षेत्र तक घूमकर कोरम पूरा कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बुधवार को जिस तरह आपसी रंजिश में यूपी रोडवेज की बस को ओवर टेक करके रुकवाया गया, उससे बस में सवार सभी लोग डर गए थे। लोगों को लगा कि डकैतों ने बस को अपने कब्जे में ले लिया है।
लोगों का कहना है कि एक्सप्रेस वे आम लोगों के लिए सुरक्षित नहीं है। यहां किसी भी दिन बसों में लूटपाट हो जाएगी और पुलिस को भनक तक नहीं लगेगी। इसलिए एक्सप्रेस वे पर पुलिस सुरक्षा लगवाई जाए। गौरतलब है कि जेवर से ग्रेनो तक करीब 35 किलोमीटर की दूरी में पिछले दिनों एक्सल गिरोह ने करीब 30 वारदात को अंजाम दिया था।
अभी भी हर माह चार-पांच आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। 24 मई को मुंबई के दंपति से लाखों रुपये की लूट हुई और पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने तक की जहमत नहीं उठाई। लोगों ने आरोप लगाया कि इतनी वारदात के बाद जिला पुलिस कुछ नहीं कर रही है।