दो दिन पहले गांव में एक बच्चा गंधक पोटाश का मिश्रण नाल में भरकर चला रहा था। धमाके में और रोमांच पैदा करने के लिए बालक ने नाल पर कटोरी रखी और नाल में पीछे से दबाव डाला। विस्फोट होते ही कटोरी फट गई। उसका एक टुकड़ा सीधे बालक की गर्दन में जाकर फंस गया।
जिम्स के ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. हुकुम सिंह ने बताया कि जख्मी हालत में बच्चे को यहां पर लाया गया था। बच्चे को प्राथमिक उपचार दिया गया। उसकी एमआरआई और अन्य जांच होनी थी। इसके बाद सर्जरी भी होनी थी। बच्चे के बेहतर इलाज के लिए उसे दिल्ली के लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल भेजा गया। यहां पर बालक की सर्जरी की गई और उसके 15 टांके आए हैं। बच्चा अभी भी अस्पताल में भर्ती है। डॉ. हुकुम सिंह कहते हैं कि इस प्रकार के धमाकों से सुनाई देने की शक्ति भी जा सकती है।