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यीडा में मकान, दुकान और उद्योग लगाना हुआ महंगा

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ग्रेटर नोएडा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा के बाद यमुना प्राधिकरण ने भी सभी तरह की संपत्ति की आवंटन दरें बढ़ा दी हैं। यमुना प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में संपत्ति खरीदना अब महंगा पड़ेगा। मकान, दुकान और उद्योग से जुड़ी संपत्ति की आवंटन दरों में पांच फीसदी की बढ़ोतरी की गई है जो बीते एक अप्रैल से लागू होगी। सोमवार को यीडा की 70वीं बोर्ड बैठक में इसका प्रस्ताव पास हुआ। चार घंटे तक चली बैठक में 40 से अधिक प्रस्ताव पास किए गए।
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बोर्ड बैठक के बाद औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार और यीडा के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने प्रेसवार्ता में संपत्ति के आवंटन दरों में 5 फीसदी बढ़ोतरी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यमुना प्राधिकरण ने पांच वर्षों में पहली बार सभी तरह की आवंटन दरों में वृद्धि की है। डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि लागत मुद्रास्फीति सूचकांक के आधार पर सिर्फ पांच फीसदी की वृद्धि की गई है। सर्किल रेट को भी संपत्ति दर बढ़ाने का आधार बनाया गया है। नोएडा एयरपोर्ट के चलते यमुना प्राधिकरण एरिया में जमीन की मांग काफी बढ़ी है। प्राधिकरण की स्कीम में लोग बढ़-चढ़कर आवेदन कर रहे हैं। बाजार में भी यमुना प्राधिकरण में जमीन की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।
किसानों से जमीन खरीदने की दर भी बढ़ी
यमुना प्राधिकरण ने किसानों से सहमति के आधार पर जमीन खरीदने की दरें बढ़ा दी हैं। अब तक 1896 रुपये प्रति वर्गमीटर थी, जिसमें 9 फीसदी वृद्धि करते हुए 2068 रुपये प्रति वर्गमीटर कर दिया है। प्राधिकरण अब सहमति के आधार पर जमीन देने वाले किसानों से इसी दर पर खरीदेगा।
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श्रेणी आवंटन दरें
आवासीय 16550 से 16870 तक
व्यावसायिक 36000 से 44000 तक
ग्रुप हाउसिंग 17,200
संस्थागत 4150 से 7870 तक
सामाजिक इंफ्रास्ट्रक्चर 5570 से 10580
कार्पोरेट ऑफिस 11690
आईटी 4230 से 8020 तक
औद्योगिक 4050 से 6670 तक
रीक्रिएशनल ग्रीन 3740 से 5680 तक
नोट- आवंटन दरें रुपये प्रति वर्गमीटर में हैं। ये न्यूनतम और अधिकतम आवंटन दरें हैं। सबसे बड़े प्लॉट का रेट कम और छोटे प्लॉट का रेट ज्यादा है। सामाजिक इंफ्रास्ट्रक्चर में बिजलीघर, पोस्ट ऑफिस, धार्मिक स्थल, मिल्क बूथ आदि आते हैं।
जेपी स्पोर्ट्स सिटी की बहाली का खुला रास्ता
यमुना प्राधिकरण ने जेपी स्पोर्ट्स सिटी की सशर्त बहाली के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। रद्द आवंटन को बहाल कराने के लिए जेपी समूह को 2023 तक पूरा भुगतान (करीब 1000 करोड़) का वादा करना होगा। अब अगर जेपी समूह इस शर्त को स्वीकार कर लेता है तो यीडा उसका आवंटन बहाल कर देगा। बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट, क्रिकेट स्टेडियम समेत कई अहम रिहायशी प्रोजेक्ट इसी स्पोर्ट्स सिटी का हिस्सा हैं। अहम है कि बकाया भुगतान नहीं करने पर यमुना प्राधिकरण ने बीते वर्ष फरवरी में जेपी स्पोर्ट्स सिटी का आवंटन रद्द कर दिया था। जेपी समूह तब से इसकी बहाली के लिए कोशिश कर रहा है। मामला हाईकोर्ट में भी गया। कोर्ट ने 100 करोड़ रुपये जमा कराने पर यीडा से बहाली के लिए कहा था। हाल ही में समूह ने 100 करोड़ रुपये जमा करा दिए थे। इसके बाद यमुना प्राधिकरण बोर्ड के समक्ष प्रस्ताव ले गया।
यमुना प्राधिकरण के चेयरमैन अरविंद कुमार ने बताया कि बोर्ड ने कंपनी को 2023 तक पूरा बकाया जमा करने को कहा है। साथ ही रीशेड्यूलमेंट कराने के लिए 10 प्रतिशत पैसा भी जमा कराना होगा। आवंटन बहाल करने के लिए कंपनी ने आवेदन करके 2030 तक पैसा जमा करने की अनुमति मांगी थी। अगर कंपनी बोर्ड की शर्तों को मान लेती है तो फॉर्मूला वन रेसिंग ट्रैक, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, 10 हाउसिंग प्रोजेक्ट समेत कई परियोजनाओं से संकट के बादल छंट जाएंगे।
1000 हेक्टेयर जमीन का हुआ था आवंटन
यमुना प्राधिकरण ने वर्ष 2009 में जेपी समूह की कंपनी जेपी स्पोर्ट्स सिटी को 1000 हेक्टेयर जमीन का आवंटन किया था। परियोजना में देश का पहला फॉर्मूला वन रेसिंग ट्रैक (बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट) बनाया गया। यहां पर कई अंतरराष्ट्रीय रेस हो चुकी हैं। यहां पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम है। इसी परियोजना में काउंटी होम वन एवं टू, क्रोम, ग्रीन क्रेस्ट होम, स्पोर्ट्स विला, कासिया, बुद्धा सर्किट स्टूडियो आदि हाउसिंग प्रोजेक्ट हैं। अभी ये परियोजनाएं पूरी नहीं हुई हैं। जेपी स्पोर्ट्स कंपनी प्राधिकरण का बकाया चुका नहीं पा रही थी। करीब 950 करोड़ रुपये बकाया होने पर प्राधिकरण ने 12 फरवरी 2020 को इसका आवंटन रद्द कर दिया।
सौ करोड़ जमा कराने पर होगा रीशेड्यूलमेंट
प्राधिकरण का करीब एक हजार करोड़ रुपये बकाया है। बोर्ड के फैसले के मुताबिक, जेपी स्पोर्ट्स को 100 करोड़ रुपये जमा करने रीशेड्यूलमेंट कराना होगा। इसके बाद वर्ष 2023 तक पूरा बकाया जमा करना होगा। अब प्राधिकरण इस फैसले से जेपी स्पोर्ट्स को अवगत कराएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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