नगीना। आगाह अपनी मौत से कोई बशर नहीं, सामान सौ बरस का पल की खबर नहीं। इसी सप्ताह पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से नगीना क्षेत्र के लोग मिलकर आए और 18 अगस्त को उनका यहां आना भी तय था लेकिन तैयारियां धरी की धरी रह गईं। मंगलवार रात कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे नगीना के लोगों को जैसे ही पूर्व विदेश मंत्री के निधन की सूचना मिली, उन्हें इस अनहोनी पर विश्वास नहीं हुआ। लेकिन सुबह होते-होते सुषमा उनके दिवंगत होने की खबर ने लोगों को झकझोर कर रख दिया।
दरअसल, नगीना क्षेत्र के लोग जिन्होंने 3 अगस्त को हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा से गुरुग्राम में जाकर होने वाले कार्यक्रम के लिए समय लिया तथा उन्हें बताया गया था कि 18 अगस्त को सुषमा स्वराज का कार्यक्र म नगीना में होना है। कार्यक्रम के लिए समय लेते समय आयोजकों को सुषमा स्वराज ने एक बात कही थी कि ‘मेरा स्वास्थ्य ठीक रहा तो मैं जरूर आऊंगी।
अमर उजाला से बातचीत में भाजपा नेता डॉक्टर बशीर अहमद ने बताया कि सुषमा स्वराज के प्रयासों से नगीना क्षेत्र में कई विकास कार्य हुए। उन्होंने बताया कि नगीना के आर्य समाज मंदिर में उन्होंने हिंदू और मुसलमानों को संबोधित करते हुए कहा था आप भी गंगा जमुनी तहजीब मिसाल है और मैं दूसरे हिस्सों में भी जाती हूं तो मेवात की मिसाल देती हूं। पूर्व मंत्री सुषमा स्वराज मेवात में भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. बशीर अहमद को अपना बड़ा भाई मानती थी और बशीर भी उन्हें बहन से अधिक सम्मान देते थे। डॉ. बशीर ने बताया कि 3 अगस्त को हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा को सुषमा स्वराज के दौरे का न्योता दिया था और इसी महीने 18 अगस्त को उन्हें नगीना भी आना था। वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता सूबेदार खान ने बताया कि सुषमा स्वराज के साथ मेवात, गुरुग्राम और फरीदाबाद क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार करने का मौका मिला। उनकी शालीनता और भाईचारा देखने को नहीं मिलता। नगीना के पूर्व सरपंच बाबूलाल, पूर्व सरपंच जयनारायण ग्रोवर, पूर्व मैनेजर चौधरी असगर हुसैन ने कहा कि नगीना क्षेत्र से सुषमा स्वराज का बहुत लगाव था और कई बार नगीना क्षेत्र में आई। उनकी कमी हमेशा मेवात को खलेगी। कहा, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बाद महिलाओं में उनसे बड़ा नेता देश में नहीं हुआ।
पहली बार जनता पार्टी की सरकार में मंत्री बनकर आईं थी नगीना
सन् 1977 में पहली बार जनता पार्टी की सरकार में मंत्री बनकर नगीना आर्य समाज मंदिर पहुंची सुषमा स्वराज का हिंदू मुस्लिम समुदायों ने गर्मजोशी से स्वागत किया था। भारतीय जनता पार्टी के गठन के बाद सुषमा स्वराज को गुरुग्राम का विशेष प्रभारी बनाया गया और उसका अधिकतर ध्यान सबसे पिछड़े क्षेत्र मेवात की तरफ ही रहता था। सन् 1991 में विधानसभा चुनाव के दौरान मेवात के कद्दावर भाजपा नेता डॉक्टर बशीर अहमद के प्रचार प्रसार में सुषमा स्वराज आईं थीं और उस दौरान मेवात से सबसे अधिक वोट पार्टी ने प्राप्त किए थे। चुनाव कैंपेन में अक्सर उनका बसेरा नगीना का अमन हाउस रहा। वहां कई बार ठहरने का मौका भी उन्हें मिला।
बाबरी मस्जिद विध्वंस के दौरान मेवात में हुए तनाव को कम करने क ा काम किया
यही नहीं 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद विध्वंस के दौरान हिंदू और मुसलमानों के बीच तनाव के बीच वह मेवात पहुंचीं। मंदिर और मस्जिदों में तोड़फोड़ के बीच भाईचारा बनाए रखने की निगहबान सुषमा स्वराज बनीं, उन्हें पार्टी के भीष्म पितामह लालकृष्ण आडवाणी ने मेवात भेजा था और विशेष तौर पर मंदिरों और मस्जिदों में हुए नुकसान का जायजा लेकर सुषमा स्वराज ने रिपोर्ट दी थी। यहां के लोगों ने नगीना में एकजुट होकर कहा था कि यह कुछ शरारती लोगों ने मंदिरों में नुकसान पहुंचाया है तो कुछ शरारती बच्चों ने मस्जिदों में भी नुकसान किया है, यह समाज का फैसला नहीं था कि आपसी तनाव बढ़ाया जाए। एकदम से विध्वंस को सुनकर लोगों में आक्रोश हुआ और यह घटना हो गई। तब सुषमा स्वराज ने लोगों को बधाई दी थी और कहा था कि मेवात जैसा भाईचारा देश के दूसरे हिस्सों में देखने को नहीं मिलता।
शालीनता की देवी थीं सुषमा स्वराज : डॉ महेंद्र गर्ग
फिरोजपुर झिरका। फिरोजपुर झिरका में भाजपाइयों ने पार्टी की कद्दावर नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प चढ़ाकर याद किया। श्रद्धांजलि सभा में उनकी कार्यशैली को याद करते हुए डॉ महेंद्र गर्ग ने कहा कि शालीनता की देवी थीं सुषमा स्वराज। उन्होंने कहा कि उन्होंने काफी संघर्ष कर पार्टी को प्रदेश ही नहीं अपितु पूरे देश में खड़ा किया, इसके लिए उन्हें हर कार्यकर्ता सदैव याद रखेगा। डॉ महेंद्र गर्ग ने कहा कि सुषमा स्वराज पार्टी व सरकार में उच्च पदों पर रहते हुए भी साधारण कार्यकर्ता की तरह काम करतीं थीं। इसके अलावा अनेक कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री सुषमा स्वराज को अपने-अपने ढंग से याद किया। सभी ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर संतराम गोयल, नगरपालिका चेयरमैन अशोक गुर्जर, रमेश आर्य, मोहित सोनी, विश्राम प्रजापति, जितेंद्र सैनी, नवीन, मोनू आर्य, आकिब जावेद, मोनू साहू, धर्मेंद्र शर्मा, मवाषि सैनी, पंकज महेश्वरी आदि अनेक भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे।