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पर्यावरण संरक्षण में सभी की सहभागिता बेहद जरूरी, जिला सचिवालय में एनजीटी की निगरानी कमेटी ने की बैठक

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नूंह कार्यक्रम के दौरान पहुंचे मुख्य अतिथि का जिला सचिवालय में स्वागत करते उपायुक्त अजय कुमार। - फोटो : Mewat
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नूंह। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निगरानी कमेटी के चेयरमैन जस्टिस प्रीतम पाल सिंह ने जिला सचिवालय के सभागार में शुक्रवार को पर्यावरण के संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पर्यावरण संरक्षण में सभी की सहभागिता बेहद जरूरी है। साथ ही धरातल पर काम करने की जरूरत है। सभी संबंधित अधिकारी बेहतर समन्वय के साथ उनके विभागों से संबंधित जो कार्य होते हैं, वे उसे करें। इसके अलावा एनजीटी के नियमों की पालना करते हुए सभी कार्यों को बेहतर समन्वय के साथ करवाना सुनिश्चित करें।
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उन्होंने यह भी कहा कि उपायुक्त अजय कुमार की अध्यक्षता में अधिकारियों ने एनजीटी के नियमों के मुताबिक अच्छा कार्य किया है। इस मौके पर एनजीटी सदस्य उर्वशी गुलाटी ने भी निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी एनजीटी नियमों के तहत पर्यावरण के दृष्टिगत कार्य हों। पर्यावरण को लेकर समय-2 पर लोगों को जागरूक करने के लिए सेमिनार किए जाएं। गुलाटी ने कहा कि विभिन्न योजनाओं का लक्ष्य निर्धारित समय में पूरा करें। जल संरक्षण के लिए उन्होंने नए तालाब बनाने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि जिला पर्यावरण योजना को ग्रामीण क्षेत्रों का भी ध्यान रखना है। बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण का अलग से प्रबंधन करें। बैठक में उपायुक्त ने डिस्ट्रिक एनवायरमेंट प्लान-2022 के तहत किए गए कार्यों से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। उपायुक्त अजय कुमार ने जस्टिस प्रीतम पाल सिंह को एडीसी डा. सुभिता ढाका ने एनजीटी सदस्य व पूर्व मुख्य सचिव उर्वशी गुलाटी को तथा एसडीएम सलोनी शर्मा ने तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. बाबूलाल को स्मृति चिन्ह के रुप में पौधे भेंट किए।
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