उपभोक्ता आयोग ने ग्राहक को 262078 रुपये 6 फीसदी ब्याज के साथ लौटाने के दिए आदेश
जिला उपभोक्ता आयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। एफडी का नवीनीकरण नहीं होना बताकर ब्याज देने से बैंक इनकार नहीं कर सकता। ऐसे ही एक मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने कैनरा बैंक को 262078 रुपये का 30 दिनों में भुगतान करने के आदेश दिए हैं। आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया है।
नोएडा के सेक्टर-51 निवासी महेंद्र कुमार शुक्ला का कैनरा बैंक के सेक्टर-1 की शाखा में बचत खाता है। बैंक में उनकी दो एफडी चल रहीं थीं, जिन पर 9.25 फीसदी के हिसाब से ब्याज मिलना था। इनमें से 175081 रुपये की पहली एफडी 19 अक्तूबर 2014 और 127319 रुपये की दूसरी एफडी 30 अगस्त 2014 को पूरी हो गई थी।ग्राहक के अनुसार, बैंक ने उन्हें बताया था कि अवधि पूरी होने के बाद बैंक ने दोनों एफडी रिन्यू कर दी हैं। इसके बाद जब एक मार्च 2024 को उन्होंने बचत खाता चेक किया तो देखा कि साल 2017 से साल 2024 तक का ब्याज बैंक ने अदा नहीं किया है। जब ग्राहक ने बैंक में पता किया तो बैंक ने उन्हें बताया कि साल 2017 में उनकी एफडी का नवीनीकरण नहीं किया गया है। इसलिए साल 2017 के बाद से ब्याज राशि नहीं मिली।
बैंक द्वारा समस्या का कोई समाधान न होने पर ग्राहक ने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया। आयोग ने कहा कि सुनवाई के दौरान मई 2017 से लेकर एक मार्च 2024 तक एफडी पर ब्याज 9.25 फीसदी के हिसाब से बन रहा था। शेष धनराशि 262076 रुपये न देना आयोग ने बैंक में सेवा में कमी माना। आयोग ने कैनरा बैंक को आदेश दिया है कि वह खातेदार को 262078 रुपये की धनराशि 6 फीसदी ब्याज के हिसाब से 30 दिनों में अदा करनी होगी। इसके साथ ही एक हजार रुपये वाद व्यय और एक हजार रुपये मानसिक संताप के भी देने होंगे।