कोनरवा ने नोएडा प्राधिकरण को पत्र लिख कर समस्या पर जताई चिंता
कहा- दूषित पानी से बीमारियां फैलने का लगातार बना हुआ है खतरा
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। 49 साल बाद भी नोएडा में पेयजल की सुविधा दुरुस्त नहीं हुई है। शहरवासियों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। नाले के पानी को शुद्ध करने के लिए छोटे छोटे सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जा सकते है तो वाटर ट्रीटमेंट प्लांट क्यों नहीं लगाए जा सकते। यह बात पत्र के माध्यम से कन्फेडरेशन ऑफ एनसीआर रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (कोनरवा) की ओर से नोएडा प्राधिकरण से कही गई है।
पेयजल की समस्या पर कोनरवा की ओर से नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को पत्र लिखा गया है। इस पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री और विधायक पंकज सिंह को भी भेजी गई है। कोनरवा अध्यक्ष पीएस जैन ने कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित दिव्या टावर सोसाइटी में दूषित पानी पीने से बीमारों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसमें अधिकांश बच्चे और बुजुर्ग हैं। अभी गंगा वाटर की सप्लाई भी बंद है और नोएडा व ग्रेटर नोएडा में ट्यूबवेल और बोरवेल आदि से पानी से आपूर्ति की जा रही है, जो कि स्वच्छ पानी नही है।
नोएडा को स्थापित हुए 49 वर्ष से अधिक होने के बाद भी नोएडा प्राधिकरण पीने योग्य पानी की आपूर्ति करने में पूर्णतः सफल नहीं रहा है। उच्चतम न्यायालय की ओर से शत प्रतिशत शुद्ध पेयजल आपूर्ति के निर्देश दिए गए थे। इसमें प्राधिकरण को उपयुक्त क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट दो साल में लगाया जाना था, जो अभी तक नही बना है। प्राधिकरण की ओर से इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। कोनरवा की यह मांग है कि शहरवासियों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करवाएं।