फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: 15 साल बाद भी सेक्टर-70 में नहीं बना कम्युनिटी सेंटर

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो है
विज्ञापन

सामाजिक कार्य करने के लिए लोगों को बुक करने पड़ते हैं महंगे होटल

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। करीब 15 साल पहले बसे सेक्टर-70 में अब तक कम्युनिटी सेंटर नहीं बना। इस संबंध में आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने नोएडा प्राधिकरण को कई बार पत्र लिखा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। लिहाजा निवासियों को सामाजिक कार्य करने के लिए महंगे होटल बुक करने पड़ते हैं। सेक्टर में व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ गई हैं। ये आरोप बुधवार को अमर उजाला संवाद में पांच प्रतिशत आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष जंटर सिंह ने लगाए।

इस दौरान ए और बी ब्लॉक के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष अमित चौहान ने बताया कि सेक्टर की लोकेशन अच्छी है लेकिन निवासियों को मार्केट के लिए भटकना पड़ता है। नजदीकी गांव के बाजार या दूसरे सेक्टरों में जाना पड़ता है। शाम के समय ट्रैफिक अधिक होने की वजह से गेट नंबर 2 बंद कर दिया जाता है। ऐसे में मेडिकल स्टोर के लिए पैन ओएसिस की मार्क करीब 2 किलोमीटर घूमकर जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोषाध्यक्ष श्रवण चौहान ने बताया कि सेक्टर के कुछ जगह सड़क सही बनी है। कुछ जगह सड़क टूटी हुई हैै। सेक्टर के अंदर कहीं पर भी ब्रेकर नहीं है। दो दिन पहले एक्सीडेंट में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। आरडब्ल्यूए उपाध्यक्ष सुशील पाल ने बताया कि सेक्टर अंदर करीब 30 ऐसे खाली प्लॉट हैं जिनमें कंपलीशन लेकर छोड़ दिया गया है। एससी कंचन ने बताया कि सेक्टर के अंदर गंगाजल सप्लाई बढ़ाने की जरूरत है। राजकुमार चौहान ने बताया कि सेक्टर के अंदर स्ट्रीट लाइट खराब हैं।
-
कम्युनिटी सेंटर बनाने के लिए हमने प्राधिकरण को जगह भी बताई। -जंटर सिंह, अध्यक्ष, पांच प्रतिशत आरडब्ल्यूए
यह सेक्टर रेजिडेंशियल कम और कॉमर्शियल ज्यादा बन गया है। -अमित चौहान, अध्यक्ष, आरडब्ल्यूए ए व बी ब्लॉक
कॉमर्शियल एक्टिविटी पर प्राधिकरण ने 3 बार धारा-10 के तहत नोटिस ही जारी किया। मोनू चौहान, उपाध्यक्ष, आरडब्ल्यूए
सेक्टर के अंदर नालियां साफ करने के बाद कचरा इकट्ठा करके छोड़ दिया जाता है। मेघराज वैसला, संरक्षक, आरडब्ल्यूए
पुलिस की गश्त नहीं हो रही है। इससे आसपास गाड़ियां खड़ी करके लोग धूम्रपान करते हैं। गौरव भाटी, उपाध्यक्ष, आरडब्ल्यूए
अधिकतर नालियां खुली हैं। इसमें कई बार बच्चे, बुजुर्ग और जानवर गिर चुके हैं। -लोकपाल यादव, महासचिव, आरडब्ल्यूए
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें