इरोस सम्पूर्णंम सोसाइटी निवासियों और बिल्डर प्रबंधन के बीच प्राधिकरण कार्यालय में हुई बैठक
मेंटेंनेंस बढ़ाने के लिए बिल्डर प्रबंधन ने हाल ही में जारी किया था नोटिस, निवासियों ने किया था विरोध
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित इरोस सम्पूर्णंम सोसाइटी के लोगों और बिल्डर प्रबंधन के बीच बुधवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में लोगों व बिल्डर प्रबंधन द्वारा अपने पक्ष प्राधिकरण के अधिकारियों के सामने रखे गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला 30 जनवरी को आने की उम्मीद है। निवासियों ने बताया कि फिर से दोनों पक्षों को एक बार बुलाया जाएगा।
सोसाइटी के अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन (एओए) के अध्यक्ष दिलीप कुमार ने बताया कि निवासियों को हो रही समस्याओं के बारे में प्राधिकरण के अधिकारियों को अवगत कराया था। जिसके लिए दोनों पक्षों को बुलाया गया था। करीब डेढ़ बजे से शुरू हुई बैठक तीन बजे तक चली है। उन्होंने बताया कि लोगों ने अपनी समस्याओं को रखा। प्राधिकरण से सोसाइटी में खराब एसटीपी की व्यवस्था, बिजली की व्यवस्था सहित सोसाइटी की खराब हालत के बारे में बताया।
उन्होंने बताया कि सोसाइटी में आए दिन प्लास्टर गिरने की घटनाएं होती रहती हैं। कई बार लोगों के वाहन भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। एसटीपी प्लांट खराब है, जिसकी वजह से बेसमेंट में गंदा पानी भर जाता है। साथ ही, बिजली की समस्या है। लिफ्ट का रखरखाव भी ठीक से नहीं होता है, जिसमें लोगों के फंसने की घटनाएं बढ़ रही हैं। उसके बावजूद भी बिल्डर द्वारा मेंटेनेंस शुल्क में वृद्धि की मांग की जा रही है, जोकि सरासर गलत है।
निवासियों का आरोप- बिल्डर की ओर से शुल्क बढ़ाने के लिए दबाव बनाया जा रहा
निवासी नवनीत ने बताया कि बिल्डर द्वारा लगातार लोगों पर शुल्क बढ़ाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। 16 जनवरी से बिल्डर द्वारा रखरखाव के कार्य भी बंद कर दिए गए थे, जिसके बाद लोगों ने इसका विरोध जाता है। तब जाकर प्राधिकरण के कहने पर दोबारा से रखरखाव शुरू किया गया। बिल्डर की मनमानी बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद प्राधिकरण द्वारा 30 जनवरी को दोबारा से बैठक करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें इस मुद्दे पर अंतिम फैसला सुनाया जाएगा। वहीं, बिल्डर प्रबंधन का कहना है कि प्राधिकरण ने दोबारा से बैठक बुलाई है, जिसमें इस मामले को लेकर निर्णय लिया जाएगा, तब तक सोसाइटी में लोगों को सभी सुविधाएं दी जाएंगी।